
जन एक्सप्रेस / उत्तरकाशी: आदर्श ग्राम सभा भेटियारा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महापुराण के बीच सेवा और स्वास्थ्य का अनूठा संगम देखने को मिला। कथा आयोजन के दौरान बलूनी हॉस्पिटल द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
शिविर का नेतृत्व डॉ. दया शंकर बलूनी ने किया। डॉक्टरों की टीम ने गैस्ट्रो, हड्डी एवं जोड़ रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग तथा सामान्य बीमारियों से संबंधित जांच की। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा पहुंचे तथा स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ उठाया।
जांच के बाद मरीजों को निःशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं। चिकित्सकों ने लोगों को बीमारियों से बचाव के उपाय बताए और गंभीर रोगों की समय रहते पहचान कर उपचार कराने की सलाह दी।
पहाड़ के गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत पहल
नवदीप नौटियाल और मनीष थपलियाल ने कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वहीं मंच के संरक्षक दीपक नौटियाल ने बताया कि पहाड़ के कई गांवों में विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुंचना आज भी चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में बलूनी हॉस्पिटल द्वारा आयोजित शिविर ग्रामीणों के लिए काफी लाभकारी साबित हो रहे हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम जारी रखने का आग्रह किया।
श्रद्धालुओं ने सराहा सेवा और अध्यात्म का संगम
पंडित रविंद्र नौटियाल ने बताया कि कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भागवत कथा ने जहां मन को शांति प्रदान की, वहीं स्वास्थ्य शिविर ने शरीर को राहत दी। उनका कहना था कि धर्म और सेवा का यह संगम समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाने का संदेश देता है।
भेटियारा गांव में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब आध्यात्म और आरोग्य साथ-साथ चलते हैं, तो गांवों के समग्र विकास का मार्ग और अधिक मजबूत होता है।




