रुद्रप्रयाग बस हादसा: अलकनंदा में समा गई यात्रियों से भरी बस, मची चीख-पुकार, स्थानीयों ने बचाई कई ज़िंदगियां
खाई में गिरते ही टूटे शीशे, यात्रियों की चीखें सुनकर दौड़े गांव वाले, बिना संसाधन किए रेस्क्यू

रुद्रप्रयाग | जन एक्सप्रेस संवाददाता उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग ज़िले में हुए एक भीषण बस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। तीर्थ यात्रा पर निकले यात्रियों से भरी बस अलकनंदा नदी में जा गिरी, जिससे चीख-पुकार मच गई। यह हादसा घोलतीर के पास एक गहरी खाई में हुआ, जहां सड़क के ठीक नीचे ढलान के साथ नदी बहती है।
हादसा होते ही टूटीं खिड़कियां, यात्री खाई में बिखरे
घटनास्थल के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही बस खाई में गिरी, खिड़कियों के शीशे टूटने से कुछ यात्री बाहर छिटक गए। गहरी चोटों और भय से डरे यात्री जोर-जोर से चिल्लाते हुए मदद मांगने लगे। रोने और चीखने की आवाजें जैसे ही आसपास के गांवों तक पहुंचीं, स्थानीय लोग बिना समय गंवाए मदद के लिए दौड़ पड़े।
स्थानीय ग्रामीणों ने दिखाई मिसाल, बिना उपकरण उतरे खाई में
घटनास्थल से पास ही के भटवाड़ी गांव के निवासी और शिक्षक सतेन्द्र सिंह भंडारी ने बताया कि वह पैदल घोलतीर जा रहे थे, तभी हादसा होते देखा। उन्होंने आपदा प्रबंधन अधिकारी को सूचना दी और खुद कोठगी झूला पुल के रास्ते घटनास्थल तक पहुंचे।
स्थानीय युवाओं और व्यापारियों ने खाई में उतरकर घायलों को कंधों पर उठाकर सड़क तक पहुंचाया। एनडीआरएफ, आईटीबीपी, फायर और पुलिस की टीमें जब तक पहुंचीं, स्थानीय लोग मोर्चा संभाल चुके थे।
रेलवे कर्मचारी ने पहले घायल महिला को निकाला, फिर 7 यात्रियों की बचाई जान
रेलवे परियोजना में कार्यरत वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि सूचना मिलते ही वे घटनास्थल की ओर दौड़े। उन्होंने सबसे पहले एक घायल महिला को बचाकर ऊपर पहुंचाया, फिर अन्य स्थानीयों के साथ सात यात्रियों का रेस्क्यू किया।
गौरव चौधरी नामक युवक ने बताया कि खबर मिलते ही वह और उसके साथी बिना कोई इंतजार किए मौके पर पहुंचे, और घायलों की मदद में लग गए।
“मेरे मम्मी-पापा कहां हैं?”: मासूम की चीख से कांप उठा कलेजा
घायलों में दो बच्चे और कई महिलाएं भी थीं। शिक्षक सतेंद्र ने बताया कि बच्चे घायल तो कम थे लेकिन दर्द और डर से बिलख रहे थे।
एक मासूम की चीख, “बदरीनाथ ये क्या करा आपने… मेरे मम्मी-पापा कहां हैं?” सुनकर हर किसी का दिल दहल उठा।
चालक पर लापरवाही का आरोप, मामला दर्ज
प्रशासन ने हादसे की शुरुआती जांच में चालक की लापरवाही को मानते हुए विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। माना जा रहा है कि अनियंत्रित गति या मोड़ पर असावधानी इस बड़े हादसे का कारण बनी।






