
जन एक्सप्रेस बनबसा/पिथौरागढ़। भारत की सीमा से लगे नेपाल के कंचनपुर जिले में हालात बेकाबू हो गए हैं। भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ नेपाल में भड़के जनाक्रोश ने सोमवार को विकराल रूप ले लिया। राजधानी काठमांडू से लेकर सीमाई जिलों तक तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा की घटनाएं हुईं।कंचनपुर जिले में बवाल के बाद कर्फ्यू लागू कर दिया गया है, वहीं नेपाल की संसद और सुप्रीम कोर्ट को भी उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया। उत्तराखंड की सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री ओली ने दिया इस्तीफा, अब भी सड़कों पर उबाल
उग्र विरोध प्रदर्शन के चलते नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंगलवार को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया।
सोमवार को शुरू हुए विरोध में देखते ही देखते देशभर में हिंसा फैल गई। दर्जनों प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई में मारे गए और 350 से अधिक घायल हो गए हैं।
कंचनपुर में सड़कों पर उतरे युवा, फूंका आक्रोश
नेपाल के कंचनपुर जिले, जो कि उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद की सीमा से सटा है, वहां भी हालात तेजी से बिगड़े।
बनबसा के पास कंचनपुर बाजार में सैकड़ों युवा सड़कों पर उतर आए और नेपाल सरकार के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए नेपाल पुलिस और आर्म्ड फोर्स की भारी तैनाती की गई है। इलाके में तनाव व्याप्त है, पर प्रशासन स्थिति संभालने में जुटा है।
भारत-नेपाल सीमा पर तैनाती सख्त, हालात पर कड़ी नजर
सूत्रों के मुताबिक, नेपाल से लगी उत्तराखंड सीमा पर अभी हालात शांतिपूर्ण हैं।
सुरक्षा बलों ने बॉर्डर इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है और सभी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए संपूर्ण सीमा क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
बिगड़ते हालात में भारत भी सतर्क, सीमावर्ती जिलों में चौकसी
उत्तराखंड प्रशासन भी नेपाल के हालात को देखते हुए संवेदनशील सीमाई क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
हालांकि अभी भारतीय सीमा क्षेत्र में शांति है, लेकिन संभावित लहर को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं।
आंदोलन की चिंगारी से संसद तक धधकी आग
नेपाल में शुरू हुआ यह आंदोलन अब सरकार विरोधी जनक्रांति का रूप ले चुका है।
सरकार की नीतियों, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और इंटरनेट व सोशल मीडिया पर लगाए गए नियंत्रण के खिलाफ आमजन खासकर युवा वर्ग आक्रोशित होकर सड़कों पर उतर आया है। नेपाल में जारी हिंसा का सीधा असर उत्तराखंड सीमा क्षेत्र पर पड़ सकता है, इसीलिए बनबसा, झूलाघाट, धारचूला, गौरीफंटा जैसे बॉर्डर प्वाइंट्स पर चौकसी और गश्त बढ़ा दी गई है।स्थिति बेहद संवेदनशील है, और नेपाल के साथ-साथ भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए भी चुनौतीपूर्ण। प्रशासनिक सतर्कता और जन सहयोग से ही हालात को नियंत्रण में रखा जा सकता है।






