चित्रकूट बना भ्रष्टाचार का अड्डा, हर विभाग में मची ‘लूट की होड़
विजिलेंस की ताबड़तोड़ छापेमारी, ट्रेजरी से लेकर थानों तक भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ ‘विकास’ के नाम पर सिर्फ फोटोबाज़ी, नेता बन बैठे कैमरा स्टार – जनता का फूटा ग़ुस्सा

जन एक्सप्रेस चित्रकूट: कभी डकैतों की गोलियों से थर्राने वाला चित्रकूट आज घोटालों की गूंज से हिल रहा है। विजिलेंस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, स्टिंग ऑपरेशन में हुए सनसनीखेज खुलासे, और हर विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार ने जिले की छवि पर गहरा दाग लगा दिया है। विभिन्न विभागों में लगातार छापेमारी हो रही है।ट्रेजरी घोटाले ने शासन को हिला कर रख दिया है। लाखों-करोड़ों के फर्जी भुगतान, बिना काम के बिल पास, और अधिकारियों की मिलीभगत का सच अब सबके सामने आ चुका है।
नेताओं की ‘फोटो पॉलिटिक्स’ बनाम ज़मीनी हकीकत:
यहां के जनप्रतिनिधि लगातार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर विकास की डींगें हांकते हैं,लेकिन असलियत ये है कि जनता नेताओं की फोटो से तंग आ चुकी है।सोशल मीडिया पर एक यूज़र ने लिखा – नेता जी फोटो खिंचवाने में टॉप, लेकिन विकास में फेल! चित्रकूट को बेच खा गए!जनता आरोप लगा रही है कि ज़िला लुट रहा है, और नेता “कैमरा सामने देख मुस्कुरा रहे हैं”।क्या अब चित्रकूट का मतलब सिर्फ फोटो और घोटाले रह गया है?
पुलिस महकमे की किरकिरी – घूसखोरी का वीडियो वायरल:
हाल ही में सामने आए स्टिंग ऑपरेशन ने पुलिस विभाग की साख को भी झकझोर दिया है।
ओवरलोड गाड़ियों को निकालने के नाम पर खुलेआम वसूली हो रही थी।वीडियो में दरोगा और सिपाही रिश्वत लेते पकड़े गए।
सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मी:
SI इमरान खान – राजापुर थाना
सिपाही अजय मिश्रा – राजापुर
सिपाही शुभम द्विवेदी – पहाड़ी थाना
सिपाही रणवीर सिंह – भरतकूप थानाइन सभी को एसपी अरुण कुमार सिंह ने तत्काल निलंबित कर दिया। सिस्टम ही बिक चुका है! चित्रकूट अब साधना नहीं, भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है। नेताओं को विकास नहीं, सेल्फी की चिंता है।






