
जन एक्सप्रेस/ हरिद्वार/ (चंद्रप्रकाश बहुगुणा):देव संस्कृति विश्वविद्यालय के पं. श्रीराम शर्मा आचार्य शताब्दी चिकित्सालय शांतिकुंज तथा तिब्बती मेडिकल एवं एस्ट्रोलॉजिकल इंस्टीट्यूट, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय नि:शुल्क सोवा-रिग्पा चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों और विद्यार्थियों ने अपनी स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान पाया।विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने अपने संदेश में कहा कि ऐसी पहल समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कुलसचिव बलदाऊ देवागन ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए सकारात्मक चिंतन, सुदृढ़ चरित्र और संतुलित दिनचर्या अनिवार्य है। व्यक्ति स्वयं के प्रयासों से ही शारीरिक और मानसिक आरोग्यता प्राप्त कर सकता है।चिकित्सक डॉ. पासंग वागरु ने बताया कि शरीर और मन की देखभाल में विज्ञान के साथ आध्यात्मिकता का समन्वय ही पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करता है। शिविर में लगभग 200 प्रतिभागियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें विशेषज्ञों द्वारा परामर्श दिया गया। विशेष बात यह रही कि सभी मरीजों को सात दिनों की औषधियाँ पूर्णत: नि:शुल्क प्रदान की गईं। प्राचीन सोवा-रिग्पा पद्धति पर आधारित यह शिविर उपचार का माध्यम के साथ ही सेवा भावना और समग्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने की दिशा में एक सार्थक सिद्ध हुआ। विश्वविद्यालय के डॉ. उमाकांत इंदौलिया, चिकित्सक डॉ. पासंग वागरु और डॉ. तेनजिंग स्वीन, डॉ. निधि पटेल, डॉ. अजय भारद्वाज, अरुणेश पाराशर ने अपनी सेवाएँ दी।






