:जौनपुर
जौनपुर में बिजली बिल राहत कैंप में जबरदस्त हंगामा:सरकारी काम में बाधा एवं गाली गलौज व धक्का-मुक्की के आरोप, मुकदमा दर्ज
घटना का वीडियो वायरल—पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल में जुटी
रिपोर्ट जन एक्सप्रेस।जौनपुर।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सरपतहा थाना क्षेत्र में बिजली बिल राहत योजना–2025” के तहत लगाए गए कैंप में शुक्रवार को हंगामा हो गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने न केवल सरकारी कामकाज में बाधा डाली, बल्कि बिजली कर्मचारियों से अभद्रता करते हुए धक्का-मुक्की भी की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें गाली-गलौज और गला दबाने जैसी हरकतें किए जाने का आरोप लगाया गया है। मामले में बिजली कर्मचारियों द्वारा थाना सरपतहा में तहरीर देकर एक नामजद एवं कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने प्रकरण में जांच शुरू कर दी है।
कैंप में चल रहा था बिल निपटान, तभी बढ़ा विवाद
सूत्रों के अनुसार, विद्युत उपकेंद्र गुड़बड़ी से संबद्ध टीम द्वारा ग्रामसभा गैरवाह में राहत कैंप लगाया गया था। यहां बकायेदार उपभोक्ताओं के पंजीकरण एवं बिल निपटने का काम चल रहा था। कर्मचारियों का कहना है कि तकरीबन दस उपभोक्ताओं का पंजीकरण हो चुका था, जबकि पचास से अधिक लोग लाइन में खड़े थे। इसी दौरान कुछ लोग कैंप पर पहुंचे और बिना लिखित शिकायत किए ही हंगामा खड़ा कर दिया।
धमकी और तोड़फोड़ की कोशिश का भी आरोप
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि आए हुए व्यक्तियों ने गाली-गलौज करते हुए बिजली कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी। कैंप में रखे सरकारी उपकरणों को क्षति पहुँचाने का भी प्रयास किया गया। मौके पर मौजूद भीड़ को उकसाकर दहशत का माहौल बना दिया गया, जिसके बाद कर्मचारियों को मजबूरन कैंप बंद करना पड़ा। इस दौरान बनाए गए वीडियो क्लिप और अन्य साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
ग्राम प्रधान का नाम आया सामने, जांच में होगी पुष्टि
घटना के दौरान जिस व्यक्ति को कर्मचारियों से उलझते हुए दिखाया जा रहा है, उसे स्थानीय लोग ग्राम प्रधान विजय सिंह बताते हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वीडियो और तहरीर के आधार पर तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
कर्मचारी बोले—असुरक्षित महसूस कर रहे हैं
बिजली विभाग के कर्मचारियों में घटना को लेकर रोष देखने को मिला। उनका कहना है कि सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं के संचालन के दौरान इस तरह की घटनाएँ सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि कैंपों पर कड़ी पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि अबाध रूप से कार्य हो सके।
पुलिस बोली—दोषी नहीं बख्शे जाएंगे
थाना सरपतहा पुलिस के अनुसार तहरीर प्राप्त हो चुकी है। वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे मामले की संपूर्ण जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
योजना का उद्देश्य, पर हंगामे ने बिगाड़ी लय
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की “बिजली बिल राहत योजना–2025” का उद्देश्य बकायेदार उपभोक्ताओं को सुविधाजनक निपटान का अवसर उपलब्ध कराना है। लगातार कैंप लगाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। मगर गैरवाह में हुए हंगामे ने न केवल कैंप की कार्यवाही पटरी से उतार दी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ी।
लोगों की निगाहें अब पुलिस और बिजली विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। बहरहाल मामले में आरोपी प्रधान विजय सिंह का कहना है कि तत्कालीन जेई राजकुमार सिंह द्वारा बीते वर्ष लगे कैंप में सुमित्रा नामक विधवा से मृतक पति मदन के नाम बिजली कनेक्शन को स्थाई रुप विच्छेदन कराने के लिए लिया 25000 रुपया लिया गया था जिसकी रशीद उक्त जेई द्वारा नहीं दिया गया और मृतक पति के नाम से पुनः 65000 का बिल आ गया इसी समस्या को लेकर बातचीत के दौरान कर्मचारियों द्वारा मेरे साथ अभद्रता किया गया वहीं सरपतहा पुलिस पुलिस अधीक्षक डॉ कैस्तुभ निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल में जुट गई।






