अयातुल्लाह ख़ामेनेई की शहादत पर जौनपुर में जनसैलाब, कैंडल मार्च में गूंजे विरोध के स्वर

जन एक्सप्रेस /जौनपुर: जौनपुर ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की शहादत की खबर से जौनपुर में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई। रविवार की देर रात नासिरया अरेबिक कॉलेज से ‘अहले जौनपुर’ के नेतृत्व में विशाल शोक सभा एवं कैंडल मार्च आयोजित किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में पुरुषों और महिलाओं ने भागीदारी की।
हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लिए लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया। मार्च के दौरान अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ नारेबाज़ी भी की गई। पूरे मार्ग पर माहौल गमगीन रहा, वहीं प्रतिभागियों में गहरा रोष भी देखने को मिला।
मज़लूमों के रहनुमा थे ख़ामेनेई: मौलाना महफूजुल हसन खान
सभा को संबोधित करते हुए मौलाना महफूजुल हसन खान ने कहा कि आयतुल्लाह ख़ामेनेई पूरी दुनिया के मज़लूमों की आवाज़ थे। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से संज्ञान लेने की मांग की।
मौलाना ने लोगों से अपील की कि वे संविधान के दायरे में रहकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएं। साथ ही संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने संबंधित देशों के उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान करते हुए शांतिपूर्ण विरोध जारी रखने की बात कही।
अमन-ओ-अमान की दुआ के साथ मार्च संपन्न
मार्च के समापन पर मौजूद जनसैलाब ने ईरान में शहीद हुए लोगों के लिए दुआ की और विश्व में अमन-ओ-अमान की कामना की। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
इस अवसर पर मौलाना शिराज, शमशीर हसन, डॉ. क़मर अब्बास, आबिश इमाम सनी,डॉ इम्तियाज़ अहमद सिद्दीकी,तहसीन शाहिद, अंजुम शाहिद, इमरान अब्बास, शाकिर जैदी और यासिर इमाम सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।






