9 मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, जिला जज ने अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण का दिया लक्ष्य

जन एक्सप्रेस/हमीरपुर: आगामी 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए जनपद के न्यायिक अधिकारियों ने कमर कस ली है। जिला जज मनोज कुमार राय की अध्यक्षता में आयोजित एक विशेष बैठक में लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
आपसी सुलह-समझौते पर रहेगा जोर
बैठक को संबोधित करते हुए जिला जज मनोज कुमार राय ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादियों को सस्ता और सुलभ न्याय दिलाना है। उन्होंने सभी जजों को निर्देशित किया कि लोक अदालत में आने वाले मामलों में वादियों के हितों को सर्वोपरि रखा जाए। अधिक से अधिक मुकदमों को आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित करने के प्रयास किए जाएं, ताकि न्यायालयों में लंबित बोझ कम हो सके और जनता को राहत मिले।
पिछली प्रगति की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान जिला जज ने अब तक समझौतों के माध्यम से चिन्हित किए गए मामलों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने प्री-लिटिगेशन और लंबित वादों को श्रेणीवार छांटकर उन पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित रहे वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी
राष्ट्रीय लोक अदालत को कामयाब बनाने के लिए आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में जनपद के प्रमुख न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
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उदयवीर सिंह (अपर जिला जज – प्रथम)
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रनवीर सिंह (स्पेशल जज, एससी/एसटी)
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अनिल कुमार खरवार (स्पेशल जज व नोडल अधिकारी, लोक अदालत)
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विनय कुमार (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट – CJM)
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निहारिका जायसवाल (सिविल जज, सीनियर डिवीजन)
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महेन्द्र कुमार पाण्डेय (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण)
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अभिषेक त्रिपाठी (एसीजेएम), वन्दना अग्रवाल (सिविल जज, सीनियर डिवीज़न एफटीसी), अंकित पाल (सिविल जज, जूनियर डिवीज़न), कीर्ति मिश्रा (क्राईम अंगेस्ट वूमैन) एवं शैली सरन (एफटीसी)।
जिला प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकरण ने जनपद वासियों से अपील की है कि वे अपने छोटे-मोटे विवादों और लंबित मामलों को 9 मई को लोक अदालत के माध्यम से समाप्त कराएं।







