
जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी: सीमित संसाधनों के बावजूद सेवा और समर्पण की मिसाल पेश करते हुए जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी के डॉक्टरों ने एक गंभीर रूप से घायल मजदूर की जान बचाकर मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मुजफ्फरनगर निवासी अतुल, जो उत्तरकाशी में मजदूरी करते हैं, 15 दिन के सफल उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए। यह मामला 8 मई की रात का है, जब काम के दौरान उनके पेट में लोहे की सरिया घुस गई, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उनका ब्लड प्रेशर गिरकर वे शॉक की स्थिति में पहुंच गए।
गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उन्हें हायर सेंटर रेफर कराने की मांग कर रहे थे, लेकिन प्रमुख अधीक्षक Dr. P. S. Pokhriyal ने समय की नाजुकता को समझते हुए तत्काल जिला अस्पताल में ही इलाज शुरू करने का निर्णय लिया। उनका यह फैसला जीवन रक्षक साबित हुआ।
डॉ. लोकेश, डॉ. आस्था और नर्सिंग स्टाफ कविता सहित पूरी मेडिकल टीम ने बिना देरी किए मरीज को आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया। स्थिति स्थिर होने के बाद सर्जन Dr. K. P. Singh ने जटिल ऑपरेशन कर आंतों की सफल सर्जरी की।
लगातार 15 दिनों तक डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की सतर्क निगरानी और समर्पण से किए गए इलाज का सकारात्मक परिणाम सामने आया और अतुल पूरी तरह स्वस्थ हो गए।
डॉ. पोखरियाल ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मामलों से सभी स्वास्थ्यकर्मियों को प्रेरणा लेनी चाहिए और सेवा भाव को सर्वोपरि रखना चाहिए।
यह घटना दर्शाती है कि जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी सीमित संसाधनों के बावजूद गंभीर मरीजों के लिए किसी जीवनदायिनी से कम नहीं है। यह सफलता न केवल स्वास्थ्य विभाग का मनोबल बढ़ाती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि आपातकालीन स्थिति में स्थानीय अस्पतालों पर भरोसा करना कई बार जीवन बचा सकता है।






