उत्तराखंडहरिद्वार

लंदन: देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कार्यकर्ताओं को दिया ‘साधना का मंत्र’

जन एक्सप्रेस/ हरिद्वार: अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी वर्ष (2026) के पावन उपलक्ष्य में आयोजित वैश्विक कार्यक्रमों की श्रृंखला को गति देने के लिए देवसंस्कृति विश्वविद्यालय (देसंविवि) के प्रतिकुलपति और युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पण्ड्या लंदन पहुंचे। इस प्रवास का मुख्य उद्देश्य माताजी जन्मशताब्दी वर्ष की तैयारियों की समीक्षा करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठन के कार्यों को विस्तार देना है।

सेवा, साधना और संस्कारों का आह्वान

लंदन में गायत्री परिवार के समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करते हुए डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने वंदनीया माताजी के दिव्य जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि माताजी का जीवन सेवा, साधना और संस्कारों का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने आह्वान किया कि जन्मशताब्दी वर्ष में हम उनके प्रेरक संदेशों को न केवल समाज तक पहुंचाएं, बल्कि अपने व्यक्तिगत जीवन में भी आत्मसात करें।

नॉर्थोल्ट स्थित विशाल मैदान का निरीक्षण

आगामी ऐतिहासिक आयोजन के मद्देनजर डॉ. पण्ड्या ने लंदन के नॉर्थोल्ट (Northolt) स्थित उस विशाल मैदान का स्थल निरीक्षण किया, जहाँ भव्य कार्यक्रम प्रस्तावित है। उन्होंने आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं, सुरक्षा और प्रबंधकीय बारीकियों को लेकर स्थानीय प्रतिनिधियों और प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

रचनात्मक कार्यों की समीक्षा

प्रतिकुलपति ने स्थानीय स्तर पर संचालित गायत्री परिवार के विभिन्न सेवा कार्यों की समीक्षा की और संगठन के विस्तार हेतु दूरदर्शी नीतियों पर सार्थक विमर्श किया। उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे रचनात्मक कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। डॉ. पण्ड्या ने जोर देकर कहा कि इस महाभियान का उद्देश्य एक स्वस्थ और सुसंस्कृत समाज का निर्माण करना है।

इस प्रवास से लंदन और आसपास के क्षेत्रों में बसे गायत्री परिवार के सदस्यों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button