गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य के दौरान रोलर चालक की संदिग्ध मौत, हार्ट अटैक की आशंका
हरदोई के बिलग्राम क्षेत्र में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर कार्यरत एक रोलर चालक की अचानक मौत
जन एक्सप्रेस/हरदोई
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के बिलग्राम क्षेत्र में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां कार्यरत एक रोलर चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद निर्माण स्थल पर काम कर रहे श्रमिकों और कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान रंजय कुमार सिंह (पुत्र मुरारी सिंह) के रूप में हुई है, जो बिहार के औरंगाबाद जिले के ग्राम धुंधूआ, पोस्ट खदहा, कस्बा पिरौता का निवासी था। वह गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में चेनज 317 पर रोलर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था और पिछले कुछ समय से इस परियोजना में कार्य कर रहा था।
बताया जा रहा है कि मंगलवार को वह सामान्य रूप से अपनी ड्यूटी पर मौजूद था और निर्माण कार्य में जुटा हुआ था। इसी दौरान अचानक उसके सीने में तेज दर्द उठा, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। साथी कर्मचारियों ने तत्काल स्थिति को समझते हुए उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिलग्राम पहुंचाया।
हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार जब तक उसे अस्पताल लाया गया, तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। इस खबर के बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और माहौल गमगीन हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हार्ट अटैक का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि की जा सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के भारी निर्माण कार्यों में लगे कर्मचारियों की नियमित स्वास्थ्य जांच और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बेहद जरूरी है, ताकि समय रहते ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
गौरतलब है कि गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिस पर तेजी से कार्य चल रहा है। ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं परियोजना प्रबंधन के लिए भी एक चेतावनी हैं कि श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस रहस्यमय मौत के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।
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