
जन एक्सप्रेस/ हरिद्वार: देवभूमि हरिद्वार स्थित शांतिकुंज में आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुख्यालय में दक्षिण भारत के साधकों के लिए 5 दिवसीय “जीवन साधना शिविर” का शुभारंभ हुआ।
200 से अधिक साधकों की सहभागिता
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से आए 200 से अधिक साधक इस विशेष शिविर में भाग ले रहे हैं। शिविर का उद्घाटन शांतिकुंज के व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि और दक्षिण भारत जोन के केंद्रीय प्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलन के साथ किया।
युगऋषि के संदेशों पर आधारित साधना
प्रथम सत्र में योगेन्द्र गिरि ने बताया कि वसंत पंचमी 1926 को युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य को सद्गुरु स्वामी सर्वेश्वरानंद महाराज का साक्षात्कार हुआ था। इसी प्रेरणा से उन्होंने जीवन को साधना, तप और सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
व्यक्तित्व निर्माण और आत्मपरिष्कार पर जोर
इस 5 दिवसीय शिविर का उद्देश्य साधकों को जीवन प्रबंधन, आत्मपरिष्कार और व्यक्तित्व निर्माण की शिक्षा देना है। शांतिकुंज का मानना है कि हर व्यक्ति के भीतर देवत्व जागृत कर समाज में श्रेष्ठ संस्कार स्थापित किए जा सकते हैं।
उत्तर में साधना, दक्षिण से साधक
दक्षिण भारत से आए साधकों के लिए उत्तर भारत की इस आध्यात्मिक भूमि पर साधना का यह अनुभव विशेष है। शिविर का मूल संदेश है—हर सांस में गायत्री, हर कदम सेवा के लिए समर्पित हो।






