नाचनी में श्रद्धांजलि सभा: जननायक कुन्दन सिंह बथ्याल को भावभीनी श्रद्धांजलि
जन एक्सप्रेस /उत्तराखंड
नाचनी में बुधवार को जननायक, शिक्षाविद एवं अधिवक्ता स्वर्गीय कुन्दन सिंह बथ्याल की स्मृति में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि कुन्दन सिंह बथ्याल केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि समाज सुधारक, शिक्षाविद और जनसेवा के लिए समर्पित व्यक्तित्व थे, जिनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी। राजकीय इंटर कॉलेज नाचनी के खेल मैदान में व्यापार उद्योग मंडल, ज्ञान दीप पब्लिक स्कूल तथा सामुदायिक पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वर्गीय बथ्याल की धर्मपत्नी श्रीमती हंसा बथ्याल ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद उपस्थित लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी नेताओं ने स्वर्गीय बथ्याल के व्यक्तित्व और उनके कार्यों की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि उनकी राजनीतिक सहिष्णुता और समाज के प्रति समर्पण उन्हें एक विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। वक्ताओं ने बताया कि 1980 के दशक में कुन्दन सिंह बथ्याल ने ज्ञान दीप पब्लिक स्कूल की स्थापना कर क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में नई सोच और नवाचार की शुरुआत की थी। इसके साथ ही उन्होंने नाचनी में व्यापार संघ की नींव रखी, जिसका वर्ष 1993 में पंजीकरण कराया गया। व्यापारिक और सामाजिक संगठनों को मजबूत करने में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।

क्षेत्र प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य के रूप में उनके कार्यकाल को भी विकास और जनहित के कार्यों के लिए जाना जाता है। करीब 26 वर्षों तक व्यापार संघ के अध्यक्ष रहे बथ्याल ने नाचनी में बहुउद्देशीय भवन का निर्माण करवाया, जो आज भी क्षेत्र के लोगों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। खेलों के विकास के लिए उन्होंने पहला बास्केटबॉल और बैडमिंटन कोर्ट बनवाकर युवाओं को नई दिशा देने का कार्य किया। धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। वक्ताओं ने बताया कि नाचनी में भव्य शिवालय और सुदरी नाग मंदिर के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा सामुदायिक पुस्तकालय की स्थापना में संस्थापक सदस्य के रूप में उनकी भूमिका को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकालय, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उनके प्रयास आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। श्रद्धांजलि सभा के दौरान स्थानीय स्तर पर कला एवं संगीत अकादमी की स्थापना, पुस्तकालय के विकास, शिक्षा में नवाचार, खेल गतिविधियों के विस्तार तथा गांधी पार्क के नवनिर्माण जैसे उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का सामूहिक संकल्प लिया गया। सामुदायिक पुस्तकालय के जनक जगत सिंह मर्तोलिया ने कहा कि कुन्दन सिंह बथ्याल जैसे युगपुरुष को उत्तराखंड लंबे समय तक याद रखेगा। कार्यक्रम का संचालन व्यापार उद्योग मंडल के अध्यक्ष लाल सिंह कोश्यारी ने किया। इस अवसर पर बथ्याल के समधी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ईश्वर सिंह चुफाल का संदेश उनकी पुत्रवधु कावेरी बथ्याल ने पढ़कर सुनाया। सभा में बथ्याल परिवार के सदस्य, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।






