
जन एक्सप्रेस /नई टिहरी :- जनपद में कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने और लिंगानुपात में सुधार के उद्देश्य से जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, अल्ट्रासाउंड केंद्रों की कार्यप्रणाली और जनपद के लिंगानुपात की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम विजय ने बताया कि जनपद में वर्तमान में आठ पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं, जिनमें छह सरकारी और दो निजी केंद्र शामिल हैं। सभी अल्ट्रासाउंड मशीनों में एक्टिव ट्रैकर लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से उनकी नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि अप्रैल से जून के बीच जिले में 2,177 अल्ट्रासाउंड परीक्षण किए गए।
अनियमितता मिलने पर अल्ट्रासाउंड केंद्र का लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश
बैठक में जानकारी दी गई कि स्मृति नर्सिंग होम, घनसाली का लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका है। वहीं उत्तराखंड अल्ट्रासाउंड, घनसाली के दो निरीक्षणों में अनियमितताएं मिलने और संचालक रविंद्र बिष्ट के स्पष्टीकरण से असंतुष्ट होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित केंद्र का लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए।
कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
जनपद के लिंगानुपात की समीक्षा के दौरान प्रतापनगर, थौलधार और भिलंगना विकासखंडों में अपेक्षाकृत कम लिंगानुपात पाए जाने पर जिलाधिकारी ने इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और पीसीपीएनडीटी अधिनियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
मुखबिर योजना के प्रचार-प्रसार पर जोर
बैठक में पीसीपीएनडीटी मुखबिर योजना की भी समीक्षा की गई। जिला समन्वयक तनुजा रावत ने बताया कि योजना के प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न स्थानों पर पोस्टर लगाए गए हैं और लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी अवैध गतिविधियों की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है तथा शासन की ओर से प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।
डीएम ने दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, एसीएमओ डॉ. चंदन कुमार, डीजीसी स्वराज सिंह पंवार, समिति सदस्य सुशील कुमार बहुगुणा, मनोज नकोटी, जगदीश बडोनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।






