उत्तर प्रदेश को मिले 6.18 लाख नए पक्के मकान, पात्र लाभार्थी छूटा तो CDO होंगे जिम्मेदार- केशव प्रसाद मौर्य

जन एक्सप्रेस /लखनऊ :- प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) 4.0 के तहत उत्तर प्रदेश को 6,18,482 नए पक्के मकानों की स्वीकृति मिली है। इस संबंध में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना का लाभ हर पात्र और आवासहीन ग्रामीण परिवार तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी जिले में कोई पात्र लाभार्थी आवास योजना के लाभ से वंचित पाया जाता है तो इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
सभी जिलों में बनेगी त्रिसदस्यीय अपीलीय समिति
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में गठित त्रिसदस्यीय अपीलीय समिति ऐसे मामलों की दोबारा जांच करेगी, जिनमें किसी कारणवश पात्र परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल पाया।
इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिन आवेदकों को अपात्र घोषित किया गया है, उनकी कारण सहित सूची तैयार कर उपलब्ध कराई जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।
उन्होंने शिकायतों के समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया।
उत्तर प्रदेश को मिले 6.18 लाख नए आवास
केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 4.0 के तहत उत्तर प्रदेश के लिए 6,18,482 नए पक्के आवास स्वीकृत किए हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक उत्तर प्रदेश को लगभग 36 लाख प्रधानमंत्री आवास मिल चुके हैं, जिससे प्रदेश देश में सबसे अधिक प्रधानमंत्री आवास प्राप्त करने वाला राज्य बन गया है।
‘हर आवासहीन परिवार को मिले सम्मानजनक जीवन’
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश का प्रत्येक पात्र और आवासहीन परिवार अपने पक्के घर में सम्मानपूर्वक जीवन जी सके।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन का आधार उपलब्ध कराना है।
इन परिवारों को मिलेगी प्राथमिकता
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 4.0 के तहत निम्न वर्गों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है—
- रक्षा, अर्धसैनिक बल और पुलिस बल के शहीद जवानों की विधवाएं एवं आश्रित
- दिव्यांगजन
- पात्र अल्पसंख्यक परिवार
- कुष्ठ रोग या कैंसर से प्रभावित परिवार
- एचआईवी (PLHIV) प्रभावित परिवार
- एकल बालिका वाले परिवार
सरकार का उद्देश्य इन संवेदनशील और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजना के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी वास्तविक पात्र लाभार्थी आवास योजना के लाभ से वंचित न रहे






