शशि थरूर होटल की लिफ्ट में फंसे, फायर एंड रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाला; X पर साझा किया अनुभव

तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस सांसद शशि थरूर शुक्रवार (17 जुलाई 2026) की शाम तिरुवनंतपुरम के एक निजी होटल में लिफ्ट खराब होने के कारण करीब आधे घंटे तक फंस गए। उनके साथ लिफ्ट में आठ अन्य लोग भी मौजूद थे। सूचना मिलने पर केरल फायर एंड रेस्क्यू सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
रोटरी क्लब के कार्यक्रम में पहुंचे थे शशि थरूर
जानकारी के अनुसार, शशि थरूर रोटरी क्लब ऑफ त्रिवेंद्रम ईस्ट के इंस्टॉलेशन समारोह में शामिल होने के लिए होटल पहुंचे थे। इसी दौरान होटल की लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में रुक गई, जिससे उसमें सवार सभी लोग अंदर फंस गए।
शाम 7:37 बजे मिली सूचना
तिरुवनंतपुरम फायर स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार, शाम 7:37 बजे सूचना मिली कि एक होटल की लिफ्ट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर समेत करीब नौ लोग फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही फायर एंड रेस्क्यू सर्विस की टीम मौके पर रवाना हुई।
फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले होटल कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों ने लिफ्ट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। लोहे की रॉड की मदद से भी दरवाजा खोलने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

हाइड्रोलिक मशीन से खोला गया लिफ्ट का दरवाजा
सीनियर फायर एंड रेस्क्यू अधिकारी जितेश बाबू ने बताया कि टीम के मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि लिफ्ट का दरवाजा थोड़ा खोलने की कोशिश की गई थी। इसके बाद बचाव दल ने हाइड्रोलिक स्प्रेडर मशीन का इस्तेमाल कर लिफ्ट का दरवाजा खोला और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू ऑपरेशन शाम 7:51 बजे पूरा कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि लिफ्ट अपनी निर्धारित मंजिल तक पहुंचने से पहले ही बीच में रुक गई थी, जिसके कारण लोग अंदर फंस गए।
बाहर निकलते ही बचाव दल का जताया आभार
लिफ्ट से सुरक्षित बाहर निकलने के बाद शशि थरूर मुस्कुराते हुए नजर आए। उन्होंने फायर एंड रेस्क्यू टीम का धन्यवाद करते हुए कहा,”आप सभी का धन्यवाद। आपने बहुत अच्छा काम किया है।”
जब अधिकारियों ने उनकी कुशलक्षेम पूछी तो उन्होंने बताया कि लिफ्ट के अंदर मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
X पर साझा किया अनुभव
घटना के बाद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने लिखा कि लिफ्ट में लगभग आधे घंटे तक फंसे रहना कोई बड़ी परेशानी नहीं थी, हालांकि इसकी वजह से उनकी अगली दो निर्धारित मुलाकातों में देरी हो गई। उन्होंने केरल फायर एंड रेस्क्यू सर्विस की त्वरित कार्रवाई, दक्षता और पेशेवर कार्यशैली की सराहना करते हुए पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।







