
जन एक्सप्रेस/ हरिद्वार: अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुख्यालय शांतिकुंज में पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति संतुलन और विश्वकल्याण की कामना से विशेष यज्ञ-हवन का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। इस विशेष अनुष्ठान का संचालन शांतिकुंज की ब्रह्मवादिनी बहनों द्वारा किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से आए साधक एवं श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं।
यज्ञ में श्रद्धालु स्वच्छ पर्यावरण, हरित जीवनशैली और स्वस्थ भविष्य की कामना के साथ आहुतियां अर्पित कर रहे हैं। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी दिया जा रहा है।
शांतिकुंज के प्रतिनिधियों ने बताया कि यज्ञ भारतीय संस्कृति की एक वैज्ञानिक परंपरा है, जो मानव और प्रकृति के बीच संतुलन एवं समन्वय स्थापित करने की प्रेरणा देती है। यज्ञ के माध्यम से वातावरण की शुद्धि के साथ-साथ लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं को वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए केवल सरकारी प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जनभागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे पर्यावरणीय संकल्पों का पालन करे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
शांतिकुंज में आयोजित यह विशेष हवन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पर्यावरण चेतना और प्रकृति संरक्षण का व्यापक जनअभियान बन चुका है। इसके माध्यम से समाज को प्रकृति के संरक्षण, सतत विकास और विश्वशांति का संदेश दिया जा रहा है।






