एएसपी ने चियासर व कुसुमखोर गंगा घाट का किया औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था मिली चाक-चौबंद

जिला ब्यूरो-बी जी मिश्र
जन एक्सप्रेस/हरदोई :- गंगा नदी में दो युवकों के डूबने की घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में एएसपी (पश्चिमी) मार्तंड प्रकाश सिंह ने गुरुवार देर शाम चियासर एवं कुसुमखोर गंगा घाट का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गंगा घाटों पर पुलिस पिकेट, बैरिकेडिंग एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं। एएसपी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ निगरानी रखने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि बीते सोमवार को अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम चौसार निवासी दो युवक कुसुमखोर गंगा घाट पर स्नान के दौरान डूब गए थे।घटना के बाद अभी तक दोनों के शव बरामद नही हो सके। इसके बाद प्रशासन ने गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है तथा श्रद्धालुओं को मुख्य धारा में जाने से रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
निरीक्षण के दौरान एएसपी पश्चिमी ने पुलिस अधिकारियों के साथ घाटों पर बैरिकेडिंग, पुलिस पिकेट, जल पुलिस की तैनाती तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए किए गए प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि घाट पर आने वाले लोगों को निर्धारित स्थान पर ही स्नान करने के लिए प्रेरित करें तथा किसी भी व्यक्ति को मुख्य धारा की ओर न जाने दें।
निरीक्षण के दौरान शाम ढलने के कारण घाट पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का अभाव भी सामने आया। अंधेरा होने से घाट के कुछ हिस्सों का निरीक्षण करने में अधिकारियों को कठिनाई हुई। इस पर एएसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को घाटों पर शीघ्र पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, ताकि रात्रिकालीन गश्त एवं सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनाई जा सके।एएसपी ने कहा कि गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पुलिसकर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करने, असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और मुख्य धारा में स्नान करने का प्रयास न करें।






