
जन एक्सप्रेस /पिथौरागढ़ :- विकासखंड कनालीछीना के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कनालीछीना में स्वास्थ्य सेवा पखवाड़े के तहत आयोजित तीन दिवसीय विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविर का मंगलवार को सफल समापन हो गया। 9 से 11 अगस्त तक आयोजित शिविर में कुल 1,022 मरीजों ने विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ उठाया। अंतिम दिन 358 मरीजों का परीक्षण और उपचार किया गया।
शिविर का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे.एस. चुफाल के निर्देशन तथा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत धानिक के नेतृत्व में किया गया। पहले दिन 373, दूसरे दिन 291 और अंतिम दिन 358 मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।
विशेषज्ञ परामर्श के साथ कई जांचों की सुविधा
तीन दिवसीय शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों को निःशुल्क परामर्श, आवश्यक जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई। सामान्य ओपीडी के अलावा आयुष्मान भारत, एबीएचए, गैर-संचारी रोग (एनसीडी), टीबी उन्मूलन, टीकाकरण और आयुष सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और विभिन्न जांच सुविधाएं मिलने से उन्हें उपचार के लिए अन्य स्थानों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ी।
अंतिम दिन 358 मरीजों का परीक्षण
शिविर के अंतिम दिन सामान्य ओपीडी में 358 मरीजों का परीक्षण एवं उपचार किया गया। एनसीडी स्क्रीनिंग के तहत 33 लोगों की जांच की गई। इसमें संभावित उच्च रक्तचाप और मधुमेह के मरीजों की पहचान कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया गया।
टीबी स्क्रीनिंग के तहत 83 लोगों की जांच की गई। इसके अलावा 4 स्पुटम जांच और 8 ट्रूनेट जांच की गईं। एक निक्षय मित्र लाभार्थी को भी कार्यक्रम से जोड़ा गया।
83 एक्स-रे और 3 ईसीजी किए गए
स्वास्थ्य शिविर में 18 रक्त जांच, 83 एक्स-रे और 3 ईसीजी किए गए। पात्र लोगों के 10 आयुष्मान भारत कार्ड और 45 एबीएचए आईडी बनाए गए। साथ ही 4 एचपीवी टीकाकरण भी किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के शिविरों का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं और आवश्यक जांच उपलब्ध कराना है।
तीन दिनों में 1,022 लोगों का शिविर से लाभान्वित होना क्षेत्र में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत और शिविर की उपयोगिता को दर्शाता है। शिविर के सफल आयोजन में विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कनालीछीना के स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि आमजन को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भविष्य में भी इस तरह के जनहितकारी विशेषज्ञ स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे।






