बरगढ़ के युवाओं ने थामी तलवार, दिखाया आत्मरक्षा का हुनर

जन एक्सप्रेस/बरगढ़ :- चित्रकूट में लगभग पांच दशक तक दस्यु आतंक का दंश झेलने वाले आदिवासी बाहुल्य पाठा क्षेत्र में अब बदलाव की तस्वीर दिखाई दे रही है। शिक्षा के साथ यहां के युवक-युवतियों में आत्मरक्षा और पारंपरिक युद्धकला के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चल रहे हर घर तिरंगा अभियान के दौरान बरगढ़ में आयोजित सरक सरित मार्शल आर्ट चैंपियनशिप टूर्नामेंट में युवक-युवतियों ने तलवार, ढाल और भाला जैसी पारंपरिक युद्धकला का शानदार प्रदर्शन किया।
अमरावती देवी एजुकेशनल सोसाइटी और सरक सरित उत्तर प्रदेश एसोसिएशन के मार्गदर्शन में आयोजित यह प्रतियोगिता श्रीअर्जुन भाई परिवार आईटीआई के प्रांगण में हुई। दुर्गम क्षेत्र में आयोजित इस प्रतियोगिता में बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार सरक सरित प्राचीन भारतीय युद्धकला की अनोखी विधा है, जिसमें तलवार, ढाल और भालों के माध्यम से युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया जाता है।

कार्यक्रम में बरगढ़ थाना प्रभारी रीता सिंह, प्रधान शैलेश शुक्ला और समाजसेवी राममनोहर वर्मा ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। तलवारबाजी में महिमा, अनूपा और खुशी के प्रदर्शन की विशेष सराहना हुई। वहीं अनुराग, शुभ, साजिद, सोनम, साधना समेत अन्य प्रतिभागियों ने सरक सरित की विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाई।
आयोजन को सफल बनाने में सोसाइटी की आराधना सिंह, पल्लवी सिंह और नीलू देवी के साथ प्रशिक्षक अभिषेक शर्मा, नंदगोपाल किशोर, रोहिणी, धीरज और अभिनव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम ने पाठा क्षेत्र के युवाओं में बढ़ती शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा की भावना को नई दिशा देने का संदेश दिया।






