
चंद्रप्रकाश बहुगुणा
जन एक्सप्रेस /उत्तरकाशी :- जब संकट गहराता है तब जनप्रतिनिधि की असली पहचान सामने आती है। विकासखंड डुंडा के ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने इसी संवेदना की मिसाल पेश की। गाजणा पट्टी के ग्राम गोरसाड़ा निवासी इन्द्रमणि नौटियाल जो पिछले कई वर्षों से सऊदी अरब में बंधक जैसी स्थिति में फंसे हैं। उनकी पत्नी और बेटी दीपिका अकेले संघर्ष कर रही थीं।
ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार गुरुवार को गोरसाड़ा पहुंचे। उन्होंने दीपिका और परिजनों से मुलाकात कर परिवार की पीड़ा जानी। इसी दौरान उन्होंने परिवार को तत्काल राहत के रूप में ₹1,11,111 की आर्थिक सहायता सौंपी। परमार ने मंच से घोषणा की कि दीपिका की आगे की पढ़ाई का संपूर्ण खर्च वह स्वयं वहन करेंगे और उसके विवाह में भी हर संभव सहयोग देंगे। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में किसी परिवार के साथ खड़ा होना ही सच्ची जनसेवा है। परिवार को किसी भी परिस्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और इन्द्रमणि नौटियाल की सकुशल भारत वापसी के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
गोरसाड़ा गांव में इस पहल की चारों ओर सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि और समाज एक दूसरे की पीड़ा को अपना दर्द मानकर साथ आते हैं तो उम्मीद जिंदा रहती है। यह खबर केवल सहायता की नहीं, बल्कि उस आदर्श की है जहां पद नहीं, इंसानियत बड़ी हो जाती है और एक बेटी उसकी मां को भरोसा मिलता है कि वह अकेली नहीं है।






