
जन एक्सप्रेस / नई टिहरी: जिला मुख्यालय के समीप ईणिया में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। रविवार को मेडिकल कॉलेज निर्माण संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में बौराड़ी स्टेडियम से मोलधार, गीता भवन होते हुए गणेश चौक तक ढोल-नगाड़ों के साथ जन आक्रोश रैली निकाली गई। रैली के बाद संघर्ष मोर्चा ने गणेश चौक, बौराड़ी में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
आंदोलन के पहले दिन नागरिक मंच के 10 सदस्य धरने पर बैठे। वहीं टिहरी के व्यापारियों ने आंदोलन को समर्थन देते हुए अपने प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रखे। इससे शहर में आंदोलन के प्रति व्यापक समर्थन देखने को मिला।
प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर संघर्ष मोर्चा इससे पहले 31 जुलाई को श्रीदेव सुमन पार्क से जिलाधिकारी कार्यालय तक जन आक्रोश रैली निकाल चुका है। इसके बाद नई टिहरी शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरण अभियान चलाया गया। साथ ही श्रीदेव सुमन पार्क में सत्याग्रह आंदोलन भी शुरू किया गया था।
संघर्ष मोर्चा का कहना है कि आंदोलन को 16 दिन बीतने के बावजूद सरकार और जिला प्रशासन की ओर से मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इससे नाराज लोगों ने रविवार को दोबारा जन आक्रोश रैली निकालकर आंदोलन को निर्णायक चरण में पहुंचाने का ऐलान किया।
धरने पर बैठने वालों में नागरिक मंच के चंडी प्रसाद डबराल, कमल सिंह महर, नरोत्तम जखमोला, डॉ. यूएस नेगी, कर्म सिंह तोपवाल, जगजीत सिंह नेगी, भगवान चंद रमोला, किशोरी लाल चमोली, त्रिलोक चंद रमोला और भगवानदेई तोपवाल शामिल रहे।
संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष डॉ. भूषण गोदियाल ने कहा कि टिहरी जिला मुख्यालय के समीप मेडिकल कॉलेज की स्थापना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पूर्व में दो मुख्यमंत्रियों की ओर से घोषणा किए जाने के बावजूद ईणिया में मेडिकल कॉलेज की स्थापना नहीं हो सकी है। स्थानीय विधायक किशोर उपाध्याय भी लगातार ईणिया में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाने की मांग करते रहे हैं।
डॉ. गोदियाल ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल की ओर से मेडिकल कॉलेज को गजा क्षेत्र में स्थापित करने की बात कहकर टिहरी और नरेंद्रनगर के बीच विभाजन की स्थिति पैदा की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार टिहरी जिला मुख्यालय के समीप मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर स्पष्ट और ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत क्रमिक अनशन और भूख हड़ताल जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
इस मौके पर व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवान सिंह रावत, बौराड़ी व्यापार मंडल अध्यक्ष शिवराज सिंह सजवाण, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मान सिंह रौतेला, पालिकाध्यक्ष मोहन सिंह रावत, जीतराम भट्ट, शांति प्रसाद भट्ट, राकेश राणा, विजय गुनसोला, महिपाल सिंह नेगी, दर्शनी रावत, शकुंतला नेगी, आशा रावत, सीमा कृषाली, कुलदीप पंवार, देवेंद्र नौडियाल, लखबीर सिंह चौहान, ममता उनियाल, अनुसूया प्रसाद नौटियाल समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।






