उत्तरकाशी। रिपोर्ट -चंद्रप्रकाश बहुगुणा
नाग पंचमी के पावन पर्व पर गंगोत्री क्षेत्र के पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण ने धनारी और टकनौर क्षेत्र में आयोजित विभिन्न नाग पंचमी महोत्सवों में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न देवालयों में पूजा-अर्चना कर देवदर्शन किए और क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि, खुशहाली एवं उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना की। पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण ने सबसे पहले धनारी क्षेत्र के पंचाणगांव स्थित भगवान श्री चन्दन नाग देवता के सिद्धपीठ मन्यारा धाम पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। गांव की ऊंचाई पर स्थित यह धार्मिक स्थल क्षेत्र की गहरी देव आस्था, लोक परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने भगवान श्री चन्दन नाग देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर सजवाण ने कहा कि उत्तराखंड की देवभूमि में सदियों से चली आ रही धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं आज भी समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पावन धाम और धार्मिक आयोजन सनातन परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनाए रखने के साथ ही समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करते हैं। उन्होंने पंचाणगांव के ग्रामीणों को प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले नाग पंचमी आयोजन की शुभकामनाएं दीं। साथ ही भगवान श्री चन्दन नाग देवता से समस्त क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की प्रार्थना की।
इसके बाद पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण टकनौर क्षेत्र के बार्सू गांव पहुंचे, जहां भगवान श्री बासुकी नाग देवता के सानिध्य में आयोजित नाग पंचमी देव महोत्सव में उन्होंने प्रतिभाग किया। यहां भगवान बासुकी नाग देवता का दुग्धाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की गई। सजवाण ने धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर देवदर्शन किए और क्षेत्र की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। महोत्सव का प्रमुख आकर्षण यमुनोत्री क्षेत्र की गीठ पट्टी के राना गांव से भगवान श्री समेश्वर देवता तथा पड़ोसी पाला गांव से सर्पनाथ देवता, नारायण देवता और नरसिंह देवता की देव डोलियों का आगमन रहा। देव डोलियों के आगमन के साथ भगवान समेश्वर देवता के दिव्य मिलन के भी श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरा क्षेत्र श्रद्धा एवं आस्था के माहौल से सराबोर नजर आया। विजयपाल सिंह सजवाण ने कहा कि उत्तराखंड की विशिष्ट देव संस्कृति, लोक आस्था और देव डोलियों की परंपरा प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहचान में शामिल है। उन्होंने कहा कि सदियों से चली आ रही ये परंपराएं केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत करती हैं। उन्होंने बार्सू गांव के समस्त ग्रामवासियों को नाग पंचमी देव महोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्री बासुकी नाग देवता और समेश्वर महाराज से समस्त क्षेत्रवासियों पर अपनी कृपा बनाए रखने तथा क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि, खुशहाली और यश का वास होने की मंगलकामना की।






