उत्तरकाशी। रिपोर्ट -चंद्रप्रकाश बहुगुणा।
हरियाली तीज के अवसर पर उत्तरकाशी की पुलिस लाइन ज्ञानसू में नारी सम्मान, संस्कृति, सशक्तिकरण और लोक परंपराओं से जुड़ा भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में आयोजित तीज महोत्सव में पुलिस परिवारों के साथ न्याय विभाग, प्रशासन, अधिवक्ता वर्ग और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति और नारी शक्ति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल जज जयश्री राणा, करिश्मा डंगवाल, एडीएम मुक्ता मिश्रा, एसडीएम शालिनी नेगी सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद विभिन्न सांस्कृतिक और रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। तीज क्वीन प्रतियोगिता में महिलाओं ने आत्मविश्वास और व्यक्तित्व का शानदार प्रदर्शन किया, जबकि विशेष प्रतिभा और मेहंदी प्रतियोगिता में भी प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता और हुनर का परिचय दिया।
तीज क्वीन प्रतियोगिता में प्रीति राणा ने प्रथम स्थान हासिल किया। विशेष प्रतिभा प्रतियोगिता में वंदना शर्मा प्रथम रहीं, जबकि मेहंदी प्रतियोगिता में शीतल ने बाजी मारी। कार्यक्रम में विजेताओं को सम्मानित करने के साथ प्रियंका, रिवाली तोमर, आरुषी, आराध्या और दीपिका मैठानी को विशेष प्रोत्साहन पुरस्कार भी प्रदान किए गए। पुरस्कार पाकर प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक तीज गीत, लोकनृत्य और झूलों ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया। महिलाओं ने सामूहिक रूप से तीज के पारंपरिक गीतों और नृत्य की प्रस्तुतियां देकर उत्तरकाशी की लोक संस्कृति और भारतीय परंपराओं को जीवंत किया। पुलिस लाइन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच दिया, बल्कि विभिन्न विभागों और सामाजिक वर्गों की महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर भी प्रदान किया।
पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने कहा कि हरियाली तीज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, प्रकृति प्रेम और नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय नारी ही देव संस्कृति है और देव संस्कृति ही भारत की पहचान है। उनके मुताबिक ऐसे आयोजन महिलाओं को सम्मान और मंच देने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं और समाज में आपसी सौहार्द की भावना को भी बढ़ावा देते हैं। हरियाली तीज के इस आयोजन में परंपरा और आधुनिक सोच का सुंदर संगम देखने को मिला। एक ओर महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा, गीत, नृत्य और मेहंदी के जरिए लोक संस्कृति को आगे बढ़ाया, तो दूसरी ओर प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया।
उत्तरकाशी पुलिस का यह आयोजन इस संदेश के साथ सामने आया कि जब नारी सशक्त होती है तो परिवार मजबूत होता है, संस्कृति जीवंत रहती है और समाज आगे बढ़ता है। कार्यक्रम ने महिलाओं के सम्मान और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया। उत्तरकाशी पुलिस की ओर से भविष्य में भी सामाजिक और सांस्कृतिक सरोकारों से जुड़े ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित करने की बात कही गई। हरियाली तीज का यह महोत्सव उत्तरकाशी में नारी सम्मान, लोक संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।






