
जन एक्सप्रेस / नई टिहरी: अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने निर्माणाधीन सौंग बांध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने परियोजना से प्रभावित गांवों की स्थिति, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और मुआवजा वितरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
चार गांव हो रहे प्रभावित
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना से टिहरी गढ़वाल के सौंदणा, रगड़गांव और घुडशाल तथा देहरादून के प्लेड गांव सहित कुल चार गांव प्रभावित हो रहे हैं।
परियोजना के तहत कुल 10.560 हेक्टेयर भूमि प्रभावित है। इसमें 30 खातेदारों के 76 परिवार पूर्ण रूप से और 107 खातेदारों के 268 परिवार आंशिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा 61 आवासीय भवन और 33 गौशालाएं भी परियोजना की जद में आ रही हैं।
पुनर्वास और मुआवजा प्रक्रिया में तेजी के निर्देश
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्ण रूप से प्रभावित गांवों के पुनर्वास संबंधी प्रस्ताव स्वीकृत हो चुके हैं। भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा-19 के तहत प्रभावित परिवारों को प्रतिकर वितरण और पुनर्वास की प्रक्रिया तेजी से संचालित की जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुआवजा वितरण और पुनर्वास की सभी प्रक्रियाएं पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ पूरी की जाएं। प्रभावित परिवारों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने और किसी भी पात्र व्यक्ति को प्रतिकर या पुनर्वास के लाभ से वंचित न रहने देने पर विशेष जोर दिया।
10.50 किमी एप्रोच रोड का निर्माण पूरा
परियोजना अधिकारियों ने बताया कि मालदेवता से डैम स्थल तक 10.50 किलोमीटर एप्रोच मार्ग का निर्माण पूरा किया जा चुका है। वहीं डैम टॉप पर नदी के दोनों ओर 2.50-2.50 किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य प्रगति पर है।
करीब 2100 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सौंग पेयजल परियोजना का बांध 133 मीटर ऊंचा होगा। परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को महत्वपूर्ण मजबूती मिलने की उम्मीद है।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा पर जोर
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क निर्माण और अन्य अवसंरचनात्मक कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा परियोजना की नियमित निगरानी कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान उपमहाप्रबंधक प्रताप सिंह बिष्ट, परियोजना प्रबंधक सुधीर सैनी, शुभांशु तिवारी, धीरेन्द्र नेगी, गिरीश भट्ट सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
-जोत सिंह बगियाल






