चकराता में प्रधानमंत्री आवास योजना पर घोटाले के लगे आरोप

जन एक्सप्रेस /विकासनगर :- देहरादून जिले के चकराता ब्लॉक में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत आवास आवंटन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि योजना का लाभ ऐसे लोगों को दिया जा रहा है, जिनके पास पहले से दो और तीन मंजिला मकान हैं, जबकि वास्तविक जरूरतमंद परिवार योजना से वंचित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई ऐसे परिवारों को भी पात्र घोषित किया गया है, जिनके सदस्य सरकारी या निजी नौकरियों में कार्यरत हैं और कुछ लोगों ने अपने मकान किराये पर भी दे रखे हैं। आरोप है कि पात्रता सूची तैयार करने में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं।
ग्राम पंचायत फेडीज और अटाल के विरेंद्र गौड़ ने बताया कि मामले की शिकायत पहले ही ब्लॉक प्रशासन, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को दी जा चुकी है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
विरेंद्र गौड़ ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों को पात्र और अपात्र लोगों की पूरी जानकारी है, लेकिन फिर भी कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने मांग की कि यदि अपात्र लोगों को आवास दिए गए हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए।
वहीं ग्राम पंचायत सैज और चातरा के पिकू शर्मा, ओम दत्त शर्मा, मनोज कुमार, कपिल कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि ग्राम सभाओं में तथ्यों को छिपाकर अपात्र लोगों को पात्र घोषित किया गया।
सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता राकेश उत्तराखंडी ने भी हाल ही में इस मुद्दे को सार्वजनिक किया था।
इस मामले पर चकराता के खंड विकास अधिकारी (BDO) राकेश बिष्ट ने कहा कि शिकायतों की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र और जरूरतमंद लोगों को ही दिया जाएगा। साथ ही ऑनलाइन पात्रता सूची का भी सत्यापन कराया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ वास्तविक गरीब एवं पात्र परिवारों तक पहुंचाया जाए।






