
चारधाम यात्रा 2026 को लेकर उत्तराखण्ड सरकार और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए इस बार कई हाईटेक और सख्त इंतज़ाम किए गए हैं। इसी क्रम में उत्तरकाशी दौरे पर पहुंचे अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था एवं अपराध) डॉ. वी. मुरुगेशन ने 17 अप्रैल 2026 को पुलिस कार्यालय उत्तरकाशी में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता की।
प्रेस वार्ता के दौरान एडीजी ने बताया कि 19 अप्रैल 2026 से यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
यात्रा को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया गया है। यात्रा मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही दिन के समय प्रतिबंधित रहेगी, ताकि जाम की स्थिति न बने। बाजार क्षेत्रों में पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है, जहां वाहन खड़े करने के बाद श्रद्धालुओं को पैदल आगे बढ़ना होगा। इसके अलावा होल्डिंग प्वाइंट्स बनाए गए हैं, जहां क्षमता के अनुसार वाहनों को नियंत्रित किया जाएगा।
संवेदनशील स्थानों, ब्लैक स्पॉट और संकरे मार्गों पर वन-वे ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। यातायात को सुचारु रखने के लिए 38 मोटरसाइकिल, 2 इंटरसेप्टर, 4 हाईवे पेट्रोल यूनिट, 2 क्रेन और 6 नई बुलेट मोटरसाइकिलों को भी शामिल किया गया है।
एडीजी ने यह भी कहा कि किसी भी बैरियर पर श्रद्धालुओं को अनावश्यक रूप से नहीं रोका जाएगा। केवल जरूरी जांच जैसे पंजीकरण और मेडिकल प्रक्रिया को कम से कम समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।
सुरक्षा के लिहाज से इस बार हाईटेक निगरानी पर खास जोर दिया गया है। यात्रा मार्ग और धामों पर कुल 190 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही 3 ड्रोन भी निगरानी में लगाए जाएंगे। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 6 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) और 60 हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) लगाए गए हैं। एटीएस, बम निरोधक दस्ते और केंद्रीय बलों की भी तैनाती की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 7455939993 और 9411112976 जारी किए गए हैं। इसके अलावा उत्तराखण्ड पुलिस का ऐप, वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से यात्रियों को मौसम, ट्रैफिक और मार्ग की स्थिति की रियल टाइम जानकारी दी जाएगी।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। अफवाह फैलाने या भ्रामक खबरें प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अलग से पुलिस टीमों का गठन किया गया है।
यात्रा ड्यूटी के लिए पुलिस बल की सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है। यात्रा मार्ग पर 6 थाने, 9 पुलिस चौकियां, 13 सीजनल चौकियां और 11 नए बैरक बनाए गए हैं, जिससे पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
प्रेस वार्ता से पहले एडीजी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर यात्रा की सफलता और श्रद्धालुओं की कुशलता की कामना भी की।
कुल मिलाकर इस बार की चारधाम यात्रा सुरक्षा, तकनीक और बेहतर प्रबंधन के साथ एक नई मिसाल पेश करने जा रही है।






