उत्तर प्रदेशमहराजगंजराज्य खबरें

सरहद पर सुरक्षा के दावे फेल! पाल्पा में भारतीय शराब बरामद, दो गिरफ्तार

चेकिंग और सुरक्षा दावे के बीच तस्करी का रास्ता खुला! नेपाल में भारतीय कार से ब्रांडेड शराब की बड़ी खेप बरामद

जिला संवाददाता – आदित्य पटवा

जन एक्सप्रेस / महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और चेकिंग के तमाम दावों के बीच तस्करी का नेटवर्क सवालों के घेरे में है। नेपाल राष्ट्र के नवलपरासी के सीमावर्ती नाकों से होकर दूसरे जिलों तक पहुंच रही शराब और अन्य प्रतिबंधित सामानों की बरामदगी ने सीमा पर तैनात सुरक्षा और राजस्व एजेंसियों की जांच व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला पाल्पा जिले में सामने आया, जहां नेपाल पुलिस ने भारतीय पर्यटक कार से करीब 7.50 लाख नेपाली रुपये से अधिक कीमत की ब्रांडेड भारतीय शराब बरामद कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले दो अगस्त को ठूठीबारी बार्डर पर एसएसबी, आबकारी और कस्टम विभाग ने 280 बोतल भारतीय शराब खेप बरामद किया था। जो उपरोक्त संदिग्धों द्वारा शराब अवैध तस्करी के जरिए नेपाल भेजे जाने की योजना था।

महेशपुर से निकली कार, पाल्पा में खुला राज:
नेपाल पुलिस के अनुसार नवलपरासी जिले के महेशपुर नाके से पोखरा की ओर जा रही भारतीय कार संख्या यूपी 32 एसटी 4286 को पाल्पा जिले के तिनाउ गांवपालिका-3, पेठेडांडा में जांच के दौरान रोका गया। तलाशी के दौरान कार से 750 मिलीलीटर की 611 बोतल ‘ओल्ड मंक’ और 12 बोतल ‘सिग्नेचर’ शराब बरामद हुई। बरामद शराब की नेपाली बाजार में कीमत करीब सात लाख 50 हजार रुपये से अधिक बताई गई है। इस मामले में भारत के लखनऊ निवासी कार चालक एमा मोदिन और शिवनाथ मौर्य को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कार और बरामद शराब समेत दोनों आरोपियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भैरहवा भंसार कार्यालय भेजा गया है।

बार्डर के मुख्य इंट्री प्वाइंट पर जांच हुई तो शराब कैसे पहुंची नेपाल?:
नेपाल में भारतीय शराब की बरामदगी से अंतर्राष्ट्रीय बार्डर के मुख्य चेकिंग और इंट्री प्वाइंट तथा भारतीय और नेपाली सुरक्षा एजेंसियां सवालों के घेरे में है। महेशपुर भंसार नाके से गाड़ी निकलने के बाद इतनी बड़ी मात्रा में शराब पाल्पा तक आखिर कैसे पहुंच गई?भंसार कार्यालय के साथ नेपाल प्रहरी और सशस्त्र प्रहरी की मौजूदगी भी है। इसके बावजूद दूसरे जिले में शराब की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने से नाका स्तर पर होने वाली जांच की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। महेशपुर भंसार कार्यालय के प्रमुख विकास उपाध्याय के अनुसार संबंधित भारतीय कार गुरुवार रात करीब 8:11 बजे नाका पार हुई थी। कार सवारों ने दो दिन के लिए पोखरा जाने की जानकारी देते हुए आवश्यक भंसार प्रक्रिया पूरी की थी। उनके मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में कार की जांच किए जाने और उस समय कोई सामान नहीं मिलने की बात सामने आई है। उन्होंने आशंका जताई कि शराब बाद में किसी दूसरे स्थान पर कार में रखी गई हो सकती है। वहीं सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल नंबर-26 गण के प्रमुख एसपी गोविंद खाती ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया। उनका कहना था कि संदिग्ध सामान बरामद होने पर संबंधित कमांडर की ओर से रिपोर्ट की जाती है। नवलपरासी के प्रमुख जिला अधिकारी दीपक राज नेपाल ने भी नाका जांच के दौरान कुछ नहीं मिलने की बात कही और संभावना जताई कि सामान बाद में किसी अन्य स्थान से वाहन में रखा गया हो।

ठूठीबारी में भी पकड़ी जा चुकी है 280 बोतल शराब:
यह कोई इकलौता मामला नहीं है। दो अगस्त को एसएसबी, कस्टम और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर सीमा से सटे मर्चहवा हाट बाजार के समीप से छिपाकर रखी गई भारतीय निर्मित 999 पावर रम की 280 बोतलें बरामद की गई थीं। बताया गया कि शराब की यह खेप नेपाल तस्करी कर ले जाने के लिए भारतीय क्षेत्र में सीमा से करीब 200 मीटर दूर छिपाकर रखी गई थी। हालांकि बार्डर पर एक बार फिर क्षेत्र में सक्रिय तस्करी के नेटवर्क की ओर इशारा किया।

शराब ही नहीं, कई सामानों की अवैध आवाजाही की शिकायतें:
बार्डर से सटे नेपाल के नवलपरासी जिले के विभिन्न सीमा नाकों से शराब, प्रतिबंधित नशीले पदार्थ, खाद्य सामग्री, बीज, मोबाइल और अन्य सामानों की अवैध आवाजाही और तस्करी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ऐसे में सवाल सिर्फ एक कार या एक खेप का नहीं, बल्कि पूरी सीमा जांच व्यवस्था की प्रभावशीलता का है। जब सीमा पर कई स्तरों की सुरक्षा और राजस्व एजेंसियां तैनात हैं, तो तस्करी की खेपें आखिर नाकों को पार कर दूसरे जिलों तक कैसे पहुंच रही हैं? हालांकि की पाल्पा में भारतीय कार से बरामद शराब और मर्चहवा में पकड़ी गई 280 बोतलों की खेप ने इंडो-नेपाल सीमा की निगरानी, आपसी समन्वय और चेकिंग व्यवस्था पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button