बांग्लादेश के दिग्गज क्रिकेटर ने लिया संन्यास
एशिया कप के आखिरी ग्रुप स्टेज मैच में श्रीलंका के खिलाफ अपनी करारी हार के बाद, बांग्लादेश के विकेटकीपर-बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने टी20 फॉरमेट के खेल से संन्यास लेने का फैसला किया है और वह अपना पूरा ध्यान टेस्ट और एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) पर केंद्रित करना चाहते हैं। रहीम जो बांग्लादेश के दिग्गज खिलाड़ियों में एक माने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान की बार बांग्लादेश को हारे हुए मैच में जीत दिलाई है। उन्होंने 28 नवंबर, 2006 को शेख अबू नसेर स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20ई की शुरुआत की।
रहीम ने अपने ट्वीट में कहा कि उन्होंने खेल के सबसे छोटे प्रारूप से संन्यास की घोषणा की। उन्होंने लिखा मैं टी20 इंटरनेशनल से अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा करना चाहता हूं और खेल के टेस्ट और ओडीआई प्रारूपों (ODI formats) पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं। अवसर आने पर मैं फ्रेंचाइजी लीग में खेलने के लिए उपलब्ध रहूंगा। दो प्रारूपों-एमआर 15 में गर्व से अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए उत्सुक हूं।
बांग्लादेश के विकेटकीपर-बल्लेबाज हमेशा स्टंप के पीछे अपने रोल के लिए जाने जाते हैं और वह बेहद ही चतुराई और फुर्ती के साथ बल्लेबाजों को चकमा लेकर आउट करते हैं। रहीम ने टी20 मैचों से अपनी पारी को समाप्त करके अपने आपको वनडे और टेस्ट के लिए बेहतर बनाने का फैसला किया है। रहीम के इस ऐलान के साथ ही बांग्लादेश टीम के साथ 16 साल लंबे टी20ई क्रिकेट का सफर समाप्त हो गया है। शाकिब अल हसन की अगुवाई वाली बांग्लादेश टीम को एशिया कप जीतने के लिए पसंदीदा में से एक के रूप में जाना जाता था।
रहीम बल्ले से काफी औसत दर्जे के बल्लेबाज है लेकिन एशिया कप (Asia Cup 2022) के दौरान उनकी किस्मत साथ देते नहीं दिखाई दी। उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में चल रहे एशिया कप के दो मैचों में केवल 5 रन बनाए। बांग्लादेश के लिए खेले गए दो मैचों में बांग्लादेश का 35 वर्षीय खिलाड़ी केवल 1 आउट कर सका। ऐसे में अपने प्रदर्शन को देखते हुए बांग्लादेश के खिलाड़ी ने टी20 से संन्यास लेने का फैसला किया है।
रहीम ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तब धमाल मचाया था जब उन्हें बांग्लादेश की टेस्ट कैप सौंपी गई और 26 मई, 2005 को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ मैदान में उतरे। टखने की चोट से पीड़ित मुशफिकुर को वापस बुलाए जाने से पहले एक और साल इंतजार करना पड़ा।






