अन्नदाता परेशान : समिति की सदस्यता न होने से बिना उर्वरक पाये मायूस लौटे किसान

जन एक्सप्रेस प्रतापगढ़: जिले के मंगरौरा विकास खण्ड की बरौली सहकारी समिति पर मंगलवार को जब किसान उर्वरक लेने पहुंचे तो वहां सूचना पट्ट पर चस्पा नोटिस देखा जिसमें लिखा था कि उर्वरक लेने के लिए सदस्यता पासबुक जरूरी है। बिना सदस्यता के खाद नहीं मिल पायेगी। जबकि अभी तक किसानों को खाद खरीदने के लिए सदस्यता जरूरी नहीं थी, कोई भी किसान सीधे समिति से खाद ले सकता था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद सहकारी समिति से अब केवल वही किसान यूरिया व डीएपी ले सकेंगे, जिनके पास समिति की सदस्यता होगी। बाहरी किसानों को समितियों से खाद नहीं दी जाएगी। मंगलवार को सहकारी समिति बरौली पर खाद लेने गये किसान उस समय मायूस हो गये जब उन्हें बिना सदस्यता के खाद देने से मना कर दिया गया। किसानों का कहना था कि पहले से ही यूरिया और डीएपी बड़ी मुश्किल से मिलती थी और अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद एक नई समस्या पैदा हो गई। महिला किसान निर्मला देवी ने रोते हुए कहा कि मुझे चार दिनों से लौटाया जा रहा है लेकिन खाद नहीं मिल रही है। ज्ञाना देवी ने कहा कि किसी को पन्द्रह किसी को दस बोरी लेकिन मुझे एक बोरी खाद के लिए चार दिनों से चक्कर कटवा रहे हैं। बता दें कि बाजार में निजी दुकानदार पहले ही ऊंचे दाम पर खाद बेचते हैं और कई बार मिलावटी या नकली खाद मिलने की शिकायतें भी होती हैं। यही कारण है कि किसान सहकारी समितियों से खाद लेना अधिक सुरक्षित और लाभदायक मानते हैं। समिति के सचिव सन्दीप मौर्य ने बताया कि खाद उपलब्ध है लेकिन नई व्यवस्था के तहत समिति की सदस्यता लेने के बाद ही खाद दी जायेगी। खाद की कालाबजारी को रोकने के उद्देश्य से उच्च अधिकारियों का निर्देश है कि जो समिति के सदस्य हैं उन्हें ही उर्वरक दिया जाय। बाकी जो बाहरी किसान हैं वो अपनी समिति में सदस्यता बनवाकर उर्वरक ले सकते हैं।






