
जन एक्सप्रेस संवाददाता, हल्द्वानी। नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। धांधली के आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता गुरुवार रात से ही पुलिस बहुउद्देशीय भवन के बाहर धरने पर बैठ गए। इस प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक सुमित हृदयेश, तिलकराज बेहड़ समेत सैकड़ों कांग्रेसी शामिल हुए। कांग्रेसियों ने पुलिस और प्रशासन पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि भाजपा को जिताने के लिए पुलिस ने खुलकर पक्षपात किया। आरोप है कि मतदान से ठीक पहले कांग्रेस समर्थित पांच जिला पंचायत सदस्यों को गायब कर दिया गया।
पुलिस पर भड़के प्रदर्शनकारी, रेलिंग पर चढ़े कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता गुस्से में पुलिस भवन की रेलिंग पर चढ़ गए और एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। हालात बिगड़ते देख अन्य थानों से अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी।एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने मौके पर पहुंचकर विपक्ष के नेताओं से बात की और आश्वासन दिया कि गायब हुए सभी पांच सदस्य सुरक्षित हैं और रात तक उन्हें घर पहुंचा दिया जाएगा। अगवा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया गया, जिसके बाद मामला कुछ शांत हुआ।
वायरल वीडियो ने बढ़ाया बवाल
एक पंचायत सदस्य डिकर मेवाड़ी को जबरन घसीटते हुए ले जाने का वीडियो भी वायरल हो गया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ। इस वीडियो के वायरल होने के बाद मामला नैनीताल हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है।
कांग्रेस का आरोप – लोकतंत्र को रौंदा गया
धरने में मौजूद नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा, “यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, लोकतंत्र की हत्या है। सत्ता के नशे में चूर भाजपा प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। पुलिस तंत्र पूरी तरह पक्षपात कर रहा है।” विधायक सुमित हृदयेश ने भी पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि “जनता सब देख रही है, न्याय की लड़ाई सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ी जाएगी।”
नेताओं की मौजूदगी ने बढ़ाई गंभीरता
धरने में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के अलावा महानगर अध्यक्ष गोविंद बिष्ट, हरेंद्र बोरा, मलय बिष्ट, हेम नैनवाल, संदीप भैसोड़ा, सतीश नैनीवाल और सतनाम सिंह समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में निष्पक्ष जांच की मांग की और चुनाव को रद्द कर दोबारा प्रक्रिया कराए जाने की बात कही।






