EDUCATIONPoliticsउत्तर प्रदेशलखनऊ

सरकारी स्कूलों को बंद करने के खिलाफ AAP ने किया जोरदार विरोध प्रदर्शन

गरीब, मज़दूर और किसान के बच्चों को शिक्षा से वंचित रखना चाहती है सरकार : विनय पटेल, अयोध्या प्रांत अध्यक्ष

जन एक्सप्रेस/लखनऊ: योगी सरकार द्वारा 27000 सरकारी स्कूलों को बंद करने के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने मेरठ, आगरा, आजमगढ़, गोंडा, सिद्धार्थनगर, सुल्तानपुर, मिर्जापुर, गाजियाबाद, अमरोहा, बागपत, अलीगढ़, बलिया, सहारनपुर, जौनपुर, लखनऊ सहित प्रदेशव्यापी जोरदार विरोध प्रदर्शन किया । इसी क्रम में राजधानी लखनऊ में अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल और जिला अध्यक्ष इरम रिजवी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य भवन चौराहा कैसरबाग में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक और झड़प हुई । प्रदर्शन को तेज होते देखते हुए पुलिस ने कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया ।

अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा कि योगी सरकार 27000 शराब की दुकाने खोलकर 27000 सरकारी स्कूलों को बंद करने जा रही है, आम आदमी पार्टी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देगी, इसलिए आप प्रदेश प्रभारी व सांसद संजय सिंह के आवाहन पर योगी सरकार के इस तुगलकी फरमान के खिलाफ सड़कों पर संघर्ष करने उतर आई है। आम आदमी पार्टी इसके लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।

उन्होंने बताया कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 4 सालों में 42 लाख बच्चों ने सरकारी स्कूलों की शिक्षा छोड़ी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 1 साल में यूपी में 8 लाख बच्चों ने सरकारी स्कूलों की शिक्षा छोड़ दी, अकेले अलीगढ़ में ही 58000 बच्चों ने सरकारी स्कूल की शिक्षा छोड़ दी। उन्होंने कहा कि 26000 स्कूल पहले ही बंद हो चुके हैं और अब 27000 स्कूल बंद हो रहे हैं, जिसके कारण प्रदेश सरकार न केवल बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है बल्कि इस फैसले से लगभग 1 लाख 35000 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति, 27000 प्रधानाध्यापको की नियुक्ति और हजारों की संख्या में शिक्षामित्र की नियुक्ति भी प्रभावित होगी।

जिला अध्यक्ष इरम रिजवी.ने कहा कि जनता सरकार को इसीलिए चुनती है की सरकार जनता की बेहतरी के लिए काम करें, उनकी समस्याओं को सुलझाएं। लेकिन योगी आदित्यनाथ की सरकार समस्याओं को सुलझाने की बजाय बच्चों के स्कूलों को ही ख़त्म करने में लगी है। सरकार तर्क दे रही है कि बच्चे कम आ रहे हैं, सवाल यह है कि बच्चों को प्रेरित करने की जिम्मेदारी किसकी है? आरटीई एक्ट में लिखा है कि 1 किलोमीटर के दायरे में स्कूल होना चाहिए और अगर आबादी को देखते हुए वहां स्कूल खोला गया है, तो उसे बंद करने का क्या कारण है?

उन्होंने कहा कि RTE एक्ट के अनुसार 6 से 14 साल तक की उम्र के बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने का प्रावधान है, इसके उलट 27000 सरकारी स्कूलों को बंद करके प्रदेश की सरकार शिक्षा के अधिकार का खुला उल्लंघन कर रही है।

आम आदमी पार्टी ने सरकार से मांग की है कि-

  1.  योगी सरकार पेयरिंग के नाम पर स्कूलों को बंद करने के आदेश को तत्काल वापस ले, जिससे बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
  2.  सरकार, RTE एक्ट के अनुसार 6 से 14 साल तक के बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने के संवैधानिक प्रावधान का पालन करते हुए बच्चों को उनके हक़ की शिक्षा दे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button