महोबा में एसडीएम पर अभद्रता के आरोप, वकीलों का प्रदर्शन, कोर्ट बहिष्कार की चेतावनी

जन एक्सप्रेस /महोबा :- उत्तर प्रदेश के महोबा में अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच विवाद गहरा गया है। सदर एसडीएम शिवध्यान पांडेय पर एक अधिवक्ता से फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने, कोर्ट न आने देने और वकालत का लाइसेंस निरस्त कराने की धमकी देने के आरोप लगे हैं। इस घटना के बाद जिला अधिवक्ता समिति के बैनर तले वकीलों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
क्या है पूरा मामला?
आरोप के अनुसार, बीजानगर निवासी अधिवक्ता परशुराम कुशवाहा का रास्ते से जुड़ा एक विवाद एसडीएम सदर न्यायालय में लंबित था। अधिवक्ता का आरोप है कि मामले का समाधान करने के बजाय एसडीएम ने फोन पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें कचहरी से बाहर निकलवाने तथा वकालत का लाइसेंस रद्द कराने की धमकी दी।
परशुराम कुशवाहा का कहना है कि उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही की शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराई थी, जिसके बाद यह घटना हुई। उन्होंने इस बातचीत की कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा करते हुए पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
वकीलों का प्रदर्शन और चेतावनी
घटना से नाराज जिला अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष बालेंद्र पाराशर के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। वकीलों का आरोप है कि प्रशासन अधिवक्ताओं को दबाने का प्रयास कर रहा है।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और पीड़ित अधिवक्ता की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे एसडीएम कोर्ट का पूर्ण बहिष्कार करेंगे और आंदोलन को और तेज करेंगे।
बिजली कनेक्शन विवाद भी बना मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता प्रवेंद्र चौहान का मामला भी उठाया गया। आरोप है कि उपभोक्ता फोरम से स्थगन आदेश (स्टे) होने के बावजूद बिजली विभाग ने उनका बिजली कनेक्शन काट दिया। जिला अधिवक्ता समिति के कोषाध्यक्ष मनीष तिवारी ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी न्यायिक प्रक्रिया की अनदेखी कर रहे हैं।
प्रशासन का पक्ष
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम सुखबीर ने अधिवक्ताओं से मुलाकात कर उनका ज्ञापन लिया। उन्होंने बताया कि बिजली कटौती से संबंधित मामले में विभाग से बातचीत कर समाधान करा दिया गया है।
एसडीएम और अधिवक्ता के बीच हुए विवाद की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि तहसील स्तर की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाएगा। हालांकि, अधिवक्ता संगठन अभी भी एसडीएम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर कायम है।






