
जिला संवाददाता – सीपी बहुगुणा
जन एक्सप्रेस / उत्तरकाशी: ग्रामसभा भल्डगांव के विस्थापन एवं पुनर्वास की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को 8वें दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से गांव के विस्थापन एवं पुनर्वास की मांग उठाई जा रही है, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
मंगलवार को धरना स्थल पर तहसीलदार एवं पटवारी पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने गांव की स्थिति, पूर्व में कराए गए सर्वे तथा विस्थापन की मांग को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। अधिकारियों ने प्रस्ताव भेजने की बात कही और वापस लौट गए।
ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल आश्वासन और प्रस्ताव की बातें स्वीकार नहीं होंगी। भल्डगांव को तत्काल सुरक्षित स्थान पर विस्थापित कर उसका उचित पुनर्वास किया जाए। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि गांव में पूर्व में कराए गए आईआईटी सर्वे, ड्रोन सर्वे एवं अन्य सर्वे रिपोर्टों को सार्वजनिक किया जाए।
वही आंदोलनकारी गोपीनाथ रावत ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन उन्हें आंदोलन से उठाना चाहता है तो पहले भल्डगांव के विस्थापन एवं पुनर्वास का समाधान करे। ग्रामीण किसी अस्थायी व्यवस्था के बजाय अपने गांव के लोगों के लिए सुरक्षित, स्थायी और सम्मानजनक विस्थापन चाहते हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। अब यह आंदोलन केवल आश्वासन से समाप्त नहीं होगा। जब तक भल्डगांव के विस्थापन एवं पुनर्वास की ठोस प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
ग्रामीणों का दो टूक कहना है—आश्वासन बहुत मिल चुके, अब भल्डगांव का सीधा विस्थापन चाहिए।






