नारायणबगड़ बाजार में कुत्तों का आतंक, दिनदहाड़े 12 से अधिक लोगों को काटा
स्कूल जाते बच्चों पर झपटे कुत्ते, बाजार में दहशत—डंडे लेकर निकलने को मजबूर हुए लोग

जिला संवाददाता – नरेंद्र रावत
जन एक्सप्रेस / नारायणबगड़: चमोली जिले के नारायणबगड़ ब्लॉक मुख्यालय का मुख्य बाजार बुधवार को अचानक आवारा और आक्रामक कुत्तों के आतंक से सहम उठा। दिनदहाड़े कुत्तों के झुंड ने राह चलते ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते 12 से अधिक लोगों के काटे जाने की सूचना से पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में दहशत का माहौल है।

बच्चों को देखते ही झपट रहे कुत्ते, अभिभावकों में चिंता
स्थानीय लोगों के अनुसार बाजार में घूम रहे कुछ कुत्ते अचानक बेहद आक्रामक हो गए। कुत्ते राह चलते लोगों के पीछे दौड़ने के साथ ही स्कूली बच्चों पर भी झपट रहे हैं। इससे विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
घटना के बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का अनुरोध किया है। बच्चों को अकेले बाजार में न भेजने और उन्हें आक्रामक कुत्तों से दूर रखने की अपील की गई है।

बाजार में डंडे लेकर घूम रहे लोग
कुत्तों के आतंक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग अब बाजार में डंडे लेकर चलने को मजबूर हैं। दुकानदार और राहगीर भी कुत्तों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। लोगों को डर है कि कहीं कोई बच्चा या बुजुर्ग इन कुत्तों की चपेट में न आ जाए।
खंड शिक्षा अधिकारी नारायणबगड़ ने भी लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
घटना से नाराज ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और संबंधित विभागों से बाजार में तत्काल अभियान चलाकर आक्रामक कुत्तों को पकड़ने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कुत्तों को नियंत्रित नहीं किया गया तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।

लोगों ने कुत्तों के आतंक से प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही बाजार और आसपास के आबादी वाले क्षेत्रों में आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाजार में हर दिन बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग आते-जाते हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से तत्काल कदम नहीं उठाया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।






