दिल्ली/एनसीआर

मणिपुर हिंसा पर केन्द्रीय गृह मंत्री की नजर, राज्य के मुख्यमंत्री और अधिकारियों से की बात

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर में हुई हिंसा पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। हिंसा को नियंत्रित करने एवं हालात की समीक्षा के लिए शुक्रवार शाम शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह एवं आला अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात की।

गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने व हालात पर काबू पाने के लिए केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों की 10 और कंपनियों को राज्य में तैनात करने का निर्णय लिया है। राज्य में दंगा नियंत्रण वाहनों की तैनाती की गई है। सूत्रों का कहना है कि केन्द्र सरकार ने मणिपुर में अनुच्छेद 355 नहीं लगाया गया है लेकिन राज्य की जरूरत के हिसाब से केन्द्र सरकार सुरक्षा बलों की तैनाती कर रही है। इस मुद्दे पर गृह मंत्री शाह लगातार समीक्षा बैठक कर रहे हैं। केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर हालात सुधारने में लगे हैं।

उल्लेखनीय है कि मणिपुर में आदिवासी आंदोलन के दौरान बुधवार को राज्य के कई जिलों में हिंसा भड़क गई, जिसके बाद राज्य सरकार ने अगले पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। इसके अलावा इंफाल पश्चिम, काकचिंग, थौबल, जिरिबाम, बिष्णुपुर, चुराचांदपुर, कांगपोकपी और तेंगनौपाल जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। राज्य में मैतेई समुदाय को एसटी श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग के विरोध में एक रैली का आयोजन हुआ था। ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन मणिपुर ने इस रैली का आयोजन किया था। इस दौरान हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने कई घरों में तोड़फोड़ की। इस दौरान तोरबंग इलाके में आदिवासियों और गैर-आदिवासियों के बीच हिंसा भड़क गई। इसके बाद कई और जिलों में भी हिंसा की खबरें आईं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।

इस मामले पर लेकर राज्य के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने अपने बयान में कहा था कि कुछ जगहों पर झड़प और तोड़-फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। यह घटनाएं दो वर्गों के बीच प्रचलित गलतफहमी के कारण हुईं हैं। राज्य सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इसे नियंत्रित करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं। शाह ने कल भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मणिपुर की स्थिति के मद्देनजर नागालैंड, मिजोरम और असम सहित मणिपुर और पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की थी।

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