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अंकिता भंडारी केस पर कांग्रेस का हमला, CBI रिपोर्ट और ‘VIP’ एंगल पर उठाए सवाल; आंदोलन की चेतावनी

जन एक्सप्रेस /विकास नगर :– रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संजय किशोर के नेतृत्व में प्रेस वार्ता हुई। माहौल गरम था। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार और सीबीआई को घेर लिया। सवाल सीधा और तीखा,चार साल बीत गए, सीबीआई जांच की रिपोर्ट क्यों सार्वजनिक नहीं हुई? और वो कथित वीआईपी, जिसका नाम बार-बार हवा में तैरता रहा, उसकी भूमिका पर जांच कहां पहुंची?संजय किशोर ने साफ कहा, अंकिता इस प्रदेश की बेटी थी। उसे आज तक पूरा न्याय नहीं मिला। कांग्रेस और प्रदेश की जनता ने सड़कों पर उतरकर संघर्ष किया, तब जाकर 2022 में सरकार को सीबीआई जांच की संस्तुति करनी पड़ी। लेकिन 2026 आ गया है और सीबीआई रिपोर्ट अभी भी अंधेरे में है। ये दुर्भाग्यपूर्ण है।

VIP’ एंगल पर उठाए सवाल
उन्होंने सवालों की बौछार कर दी, अब तक कितने लोगों से पूछताछ हुई? किन-किन नामों की जांच हुई? और जिस वीआईपी का नाम लगातार सामने आता रहा, उसकी भूमिका पर क्या कार्रवाई हुई? आरोप साफ था—सरकार अपनी जांच एजेंसियों के जरिए उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
किशोर ने चेतावनी भी दे दी। अंकिता के माता-पिता और पूरे प्रदेश की जनता न्याय का इंतजार कर रही है। अगर जल्दी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और जांच की स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई, तो कांग्रेस एक बार फिर सड़कों पर उतरेगी। व्यापक आंदोलन होगा।उन्होंने राहुल गांधी का भी जिक्र किया। राहुल गांधी संसद से लेकर सड़क तक अंकिता को न्याय दिलाने की मांग लगातार उठाते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उनके दर्द को साझा किया और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव शम्मी प्रकाश, कांग्रेस नेता जीशान अली, युवा नेता राहुल वर्मा, बंटी, अनस, मुनीर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

2022 में हुआ था अंकिता भंडारी कांड 
अंकिता भंडारी कांड 2022 से पूरे उत्तराखंड को झकझोर चुका है। तीन मुख्य आरोपियों को निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी और हाल ही में हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिकाएं भी खारिज कर दीं। लेकिन वीआईपी एंगल और सीबीआई रिपोर्ट का खुलासा अब भी लंबित है। कांग्रेस अब इस मुद्दे को फिर से गरमा रही है।सवाल एक ही है—अंकिता को पूरा न्याय कब मिलेगा? और वो नाम, जो सालों से हवा में है, कब सामने आएगा?

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