कानपुर में मौत की सड़क है भाई, जरा देख कर चलो

अमन तिवारी की रिपोर्ट
जन एक्सप्रेस /कानपुर :- कानपुर- ए- भाई जरा देख कर चलो यहाँ गड्ढे ही नहीं मौत भी है। ये गाना कानपुर के लोग राह चलते गा रहे हैं। कानपुर की ऐसी दुर्दशा कभी नहीं हुई। जनता अपनी जान हथेली पर रखकर रोज मर्रा के काम के लिए घर से निकल रही है। लेकिन नगर निगम के अधिकारियो और पार्षदों के भ्रस्टाचार के आगे सब बेबस है,आखिर वो करें तो करें क्या। कानपुर का कोई भी इलाका हो कोई भी सड़क हो, सब नर्क से बदत्तर हो चुकी हैं।सनिगवाँ, रामादेवी चौराहा, जाजमऊ, काकादेव, श्याम नगर और डिफेन्स कॉलोनी वाली मेन सड़क मौत के गड्ढों मे तब्दील हो चुकी हैं।
महापौर प्रमिला पाण्डेय भी अधिकारियों से हार चुकीं हैं
मानसून की पहली बरसात मे ही शहर की सड़कें पानी से लबालब भर चुकीं थी। महापौर प्रमिला पाण्डेय मीडिया से रूबरू हुई थी और उन्होंने इस बात को माना था की अधिकारियो से उन्होंने नाला सफाई के निर्देश दिए थे। लेकिन नगर निगम और जल निगम के अधिकारियो ने उनकी एक नहीं सुनी थी। जिसकी वजह से उन्होंने उन तमाम अधिकारीयों की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कही थी। लेकिन कोई कार्यवाही ना होने से आज शहर की सड़कें जनता के लिए काल बन चुकी हैं।
सनिगवां भाभा नगर रोड पर राहगीर गिरकर हुआ घायल
रामादेवी को जाने वाली सनिगवां रोड मुख्य सड़क है। बरसात होने से पहले सड़क किनारे खुदाई हुई थी, लेकिन मरम्मत कार्य पूरा ना होने की वजह से मेन रोड पर ही भारी मात्रा मे पानी भरा हुआ है। रोजाना लाखों लोग यहाँ से गुजरते हैं, बावजूद नगर निगम और इलाके के पार्षद की आँखे नहीं खुल रही हैं। वार्ड के पार्षद एक स्थानीय नेता के काफी करीबी हैं और वी काफी हद तक जनता की समस्याओ को हल करना चाहते हैं, लेकिन अधिकारी उनकी एक नहीं सुन रहे हैं। इसलिए जन समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। बुधवार को वहाँ से गुजर रहे मनोज सिंह अपनी बाइक से गिरकर बुरी तरह जख़्मी हो गए।
कहीं कमीशन खोरी के चक्कर मे जनता तो नहीं पिस गयी
नगर निगम के एक कर्मचारी ने नाम ना छापने की शर्त पर पूरी पोल खोलकर रख दी। उसने बताया की नगर निगम से अलग-अलग जोन के वार्डो के विकास के लिए पार्षदों को विकास करवाने के लिए जो भी फंडिंग होती है। वह पूरा पैसा विकास कार्यों को करवाने के लिए ही होता है। लेकिन समझिये की कैसे वो पूरा पैसा पार्षदों तक नहीं पहुँच पाता है। पैसा रिलीज होने के पहले से शुरू होता है कमीशन खोरी का खेल। अधिकारियो से लेकर स्थानीय नेताओं तक का कमीशन पैसा रिलीज होने से पहले ही तय हो जाता है। जब आखिरी में पैसा पार्षदों तक पहुंचा तो उतने पैसे मे विकास करवाना असंभव हो जाता है जिसकी वजह से जनता खुदी और टूटी फूटी और बरसात के पानी से भरी सड़कों से गुजरने जो मजबूर है।
गड्ढे मे तब्दील हो चुकी सड़क पर लगाया भाजपा का झंडा
छप्पन भोग चौराहे से होते हुए श्याम नगर की एक सड़क रामादेवी जाने के लिए हाईवे से जोड़ती है। 60 फिट चौराहे पर देखते ही देखते सड़क गड्डे मे तब्दील हो चुकी है। आज उसी गड्ढे के भाजपा का झंडा लगा हुआ देखा गया,और वहां से गुजर रहे किसी राहगीर ने उसकी फोटो ले ली और सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। ख़राब सड़क पर भाजपा का झंडा लगा देख बहुत लोग सोशल मीडिया पर तरह तरह की टिप्पड़ी कर रहे हैं। लोग बोल रहे हैं की भाजपा झंडे के माध्यम से अपनी नाकामी बता रही है।






