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महिलाओं को पीएमएफएमई योजना की जानकारी देकर स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए किया प्रेरित

जन एक्सप्रेस /विकास नगर :-  राघव विहार, प्रेमनगर में महिलाओं को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उपलब्ध स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों की जानकारी देना तथा उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी एवं भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण लक्ष्मी अग्रवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस दौरान महिलाओं को योजना के उद्देश्य, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा योजना के अंतर्गत उपलब्ध सहायता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में डीआरपी डॉ. पुष्कर नेगी ने महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े छोटे उद्यम स्थापित एवं विकसित करने, प्रशिक्षण प्राप्त करने, उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग में सुधार करने तथा बाजार से जोड़ने के विभिन्न अवसरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के पारंपरिक हुनर और स्थानीय संसाधनों को उचित प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी सहायता से सफल व्यवसाय एवं आय के स्थायी स्रोत में बदला जा सकता है।
उन्होंने महिलाओं से अपने हुनर को केवल घरेलू कार्य तक सीमित न रखते हुए उसे स्वरोजगार और उद्यमिता का माध्यम बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में छोटे स्तर से शुरुआत कर महिलाएं अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकती हैं।
इस अवसर पर महेन्द्र पेनूली सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महिलाओं ने सक्रिय सहभागिता करते हुए पीएमएफएमई योजना से संबंधित विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं और अपनी जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों को भी रखा।
कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और हुनर को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर पैकेजिंग, गुणवत्ता सुधार तथा बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।
कार्यक्रम का समापन महिलाओं को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित करते हुए किया गया।

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