उत्तराखंडचिन्यालीसौड़

चिन्यालीसौड़ क्षेत्र में ओलावृष्टि का कहर: सेब-मटर की फसलों को भारी नुकसान, बागवानों की टूटी कमर

जन एक्सप्रेस/ चिन्यालीसौड़: विकासखंड चिन्यालीसौड़ के कई गांवों में रविवार को अचानक हुई भीषण ओलावृष्टि ने फसलों और बागवानी को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद से क्षेत्र के किसान और बागवान गहरे संकट और चिंता में डूब गए हैं।

सेब के फूल झड़े, नगदी फसलों को भारी क्षति

रविवार दोपहर लगभग 3 बजे विकासखंड चिन्यालीसौड़ के बनगांव, काथला, ग्वालथा, अठाणगांव सहित आसपास के इलाकों में अचानक मौसम बदला और आसमान से भारी मात्रा में ओले गिरने लगे।

  • बागवानी पर चोट: ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि सेब और नासपाती के पेड़ों पर खिले फूल पूरी तरह झड़ गए। इस समय आ रहे फूलों से बागवानों को अच्छी फसल की उम्मीद थी, जिसे बड़ा झटका लगा है।

  • सब्जियां हुईं नष्ट: खेतों में लगी मटर, बीन, छेमी और टमाटर जैसी नगदी फसलों के पौधों को भी गंभीर क्षति पहुंची है।

इन किसानों को पहुंचा बड़ा नुकसान

इस बेमौसम ओलावृष्टि से क्षेत्र के कई काश्तकार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। प्रभावित किसानों में राजबीर सिंह रांगड़, बिजेंद्र राणा, मनोज रावत, निहाल सिंह आदि शामिल हैं। अपनी मेहनत की फसल को बर्बाद देख सभी किसान बेहद हताश और निराश नजर आ रहे हैं।

प्रशासन से मुआवजे की मांग

इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व कनिष्ठ प्रमुख उर्मिला रांगड़ ने इस घटना की जानकारी तत्काल क्षेत्रीय पटवारी को दूरभाष (फोन) के माध्यम से दी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि:

  1. राजस्व टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर फसलों के नुकसान का सही आकलन (Survey) करे।

  2. प्रभावित गरीब किसानों और बागवानों को सरकार की ओर से उचित मुआवजा दिया जाए।

स्थानीय किसानों ने भी जिला प्रशासन और शासन से जल्द से जल्द आर्थिक राहत प्रदान करने की गुहार लगाई है, ताकि वे इस बड़े घाटे से उबर सकें।

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