
नई टिहरी में प्रस्तावित कोटी कॉलोनी–डोबरा चांठी पर्यटन मार्ग निर्माण को लेकर भूमि अर्जन से जुड़े मामलों में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने भू-स्वामियों की आपत्तियों की सुनवाई करते हुए पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने के निर्देश दिए।
तहसील टिहरी के अंतर्गत आने वाले इस महत्वाकांक्षी पर्यटन मार्ग के निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि को लेकर कई काश्तकारों और संपत्ति स्वामियों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इन आपत्तियों की सुनवाई भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम की धारा-33 के तहत की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने भूमि पर स्थापित परिसंपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन से संबंधित मामलों की गहन समीक्षा की। इस संबंध में पहले अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था, जिसे परिसंपत्तियों का पुनः सर्वे और मूल्यांकन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
समिति द्वारा किए गए पुनः सर्वे के आधार पर 18 भूमि एवं भवन स्वामियों के मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई। यह सामने आया कि 13 भू-स्वामियों ने समिति द्वारा किए गए मूल्यांकन से सहमति जताई है, जबकि 5 मामलों में अभी भी असंतोष बना हुआ है। इन 5 मामलों में प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए दोबारा सर्वे और पुनर्मूल्यांकन कराने के निर्देश दिए हैं।
जिन भू-स्वामियों की परिसंपत्तियों का पुनः मूल्यांकन किया जाएगा, उनमें दीपक नेगी, लक्ष्मण सिंह, गंभीर सिंह, देवेंद्र सिंह और अरविंद मोहन उनियाल शामिल हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित समिति तीन दिनों के भीतर इन मामलों का पुनः मूल्यांकन कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे, ताकि प्रभावित लोगों को न्याय मिल सके और परियोजना में अनावश्यक देरी न हो।
इस बैठक में प्रशासनिक और तकनीकी विभागों के कई अधिकारी भी मौजूद रहे। एसडीएम टिहरी कमलेश, आईएएस प्रशिक्षु ज्योति, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार, अधिकारी जगदीश खाती, एसएलओ कार्यालय से नायब तहसीलदार प्राची बहुगुणा और बीना सेमवाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने बैठक में स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं के साथ-साथ प्रभावित लोगों के हितों की रक्षा करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी भू-स्वामी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और हर मामले में पारदर्शिता बरती जाएगी।
कोटी कॉलोनी से डोबरा चांठी तक प्रस्तावित यह पर्यटन मार्ग क्षेत्र के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। हालांकि, भूमि अर्जन से जुड़े विवादों को सुलझाना इस परियोजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए जरूरी है।
प्रशासन द्वारा उठाए गए इस कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि प्रभावित भू-स्वामियों की समस्याओं का समाधान होगा और परियोजना जल्द ही गति पकड़ सकेगी।






