उत्तराखंड

लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार पर भड़के हरीश रावत…

उत्तराखंड: कांग्रेस के दिग्गज नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बीजेपी की केंद्र सरकार पर हमला किया है. हरीश रावत ने कहा कि विपक्षी दलों पर सत्ता का अत्याचार बढ़ता जा रहा है. केंद्र सरकार विपक्षियों के खिलाफ सीबीआई, ईडी आयकर विभाग, और एन आई ऐ जैसी संस्थाओ के घोड़े दौड़ा कर उन्हें चुनाव मे रोकने की कोशिश कर रही है.

हरीश रावत ने आरोप लगाया कि एक तरफ सत्तारूढ़ दल ने इलेक्ट्रोल बॉन्ड के नाम पर खुली लूट करके अपने खजाने भर लिए और दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी के पास जो भी चंदा मिला मगर कांग्रेस को बिलकुल पंगु बनाने के लिया उसके खाते सीज कर दिए गए. उन्हें इनकम टैक्स के नोटिस दिए जा रहे है. उन्होंने कहा की लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाएं खतरे मे है और लोग अब परिवर्तन चाहते हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार से लग रहा है कि अब आम मतदाता का झुकाव कांग्रेस की और बढ़ रहा है.

वीरेंद्र रावत के चुनाव कार्यालय का किया उद्घाटन

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत शनिवार (30 मार्च) को हरिद्वार दौरे पर रहें और उन्होंने आज कांग्रेस प्रत्याशी अपने पुत्र वीरेंदर रावत के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया. इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सत्तारुढ दल कि जब-जब ज्यादतियां बढ़ाती है तब जनता स्वयं सत्ता रूढ़ दल को दंड दे देती है. क्योंकि जब-जब सत्ता रूढ़ दल ने ज्यादतियां की है, हिंदुस्तान की जनता ने परिवर्तन करके ऐसे दल को गैर जिम्मेदार मानते हुए उसको सत्ता से हटाया है. देश की जनता यह समझ रही है कि बीजेपी देश में विपक्ष को समाप्त करना चाहती है.

हरीश रावत ने साधा बीजेपी पर निशाना

नानकमत्ता के डेरा प्रमुख तरसेम सिंह की हत्या पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा मैं पहले तो दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि देता हूं. वाहेगुरु उनको अपने चरणों में स्थान दें लेकिन जिस तरीके से षड्यंत्र रच कर के और बड़े सुनियोजित तरीके से हत्या हुई है यह हत्या इस बात का प्रमाण है कि जो विपक्ष कर रहा है उत्तराखंड के अंदर कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है. यह साफ दिखाई दे रहा है कि कानून व्यवस्था की स्थिति उत्तराखंड में ध्वस्त हो चुकी है.

मुख्तार की मौत पर क्या बोले हरीश रावत? 

मुख्तार अंसारी मौत मामले में उनके परिवार की तरफ से जहर देने के आरोप पर हरीश रावत ने कहा कि विपक्षी अल्पसंख्यकों के खिलाफ अब दो तरीके अपनाए जा रहे हैं, एक बंदूक की गोली और अब यह जहर जैसा भी कुछ मामला सामने आ रहा है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कानून के राज में बुलडोजर जैसी चीजों के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने मुख्तार की मौत को संदेह के घेरे मे बताते हुआ कहा कि यह केवल स्वभाविक मौत है इसको सिद्ध करना सरकार के लिए कठिन होगा.

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