AMU से 126 करोड़ की सरकारी जमीन मुक्त, 80 साल पुराना कब्जा खत्म
वक्फ बोर्ड की आड़ में दशकों से किया गया था कब्जा, राजस्व विभाग के दस्तावेजों ने खोली सच्चाई

जन एक्सप्रेस अलीगढ़।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अलीगढ़ में एक बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम देते हुए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के कब्जे से 126 करोड़ रुपए मूल्य की 41 बीघा सरकारी जमीन मुक्त करा ली है। यह जमीन पिछले 80 वर्षों से विश्वविद्यालय के कब्जे में थी, जिसे सरकार ने गैरकानूनी मानते हुए सख्त कदम उठाया और भूमि को अपने अधिकार में ले लिया।
दशकों पुराना कब्जा, वक्फ बोर्ड की आड़ में चला खेल
यह जमीन अलीगढ़ के नगला मसानी क्षेत्र में स्थित है और राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से सरकारी घोषित है। आरोप है कि वर्षों तक वक्फ बोर्ड के नाम पर इस जमीन को धार्मिक संपत्ति बताकर कब्जा बनाए रखा गया। लेकिन जब प्रशासन ने दस्तावेजी सत्यापन किया, तो यह स्पष्ट हो गया कि यह भूमि वक्फ संपत्ति नहीं, बल्कि सरकारी जमीन है।इसके बाद प्रशासन ने फौरन जांच प्रक्रिया शुरू की और कानूनी कार्यवाही के तहत AMU को जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया गया। कार्रवाई के दिन मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती रही ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
बुलडोज़र नीति से सख्त संदेश, अब होगा जनकल्याण
प्रदेश में कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन किसी ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं उठाया। योगी सरकार ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोज़र नीति के तहत प्रभावशाली कब्जे को भी खत्म कर यह संदेश दिया कि कोई भी अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह कितना ही पुराना क्यों न हो।अधिकारियों के अनुसार, अब इस बेशकीमती जमीन का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य अथवा जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए किया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
प्रदेश भर में बढ़ीं संभावित कार्रवाइयाँ
सरकार की इस कार्रवाई के बाद प्रदेश भर में अन्य ऐसी सरकारी जमीनों पर भी पुनः जांच और कार्यवाही की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। यह कदम न केवल अवैध कब्जों के खिलाफ सरकार की मंशा को दर्शाता है, बल्कि पारदर्शिता और कानून के शासन को भी स्थापित करता है।
सरकार का स्पष्ट संदेश:
“अवैध कब्जा चाहे कितना भी पुराना हो, और कब्जाधारी कितना भी प्रभावशाली—सरकार कानून के अनुसार सख्त कार्यवाही से पीछे नहीं हटेगी।”






