उत्तर प्रदेशचित्रकूट
हरा सोना’ बन रहा वन निगम के लिए सिरदर्द, फड़ों तक नहीं पहुंच रहा तेंदूपत्ता

जन एक्सप्रेस चित्रकूट, मानिकपुर: चित्रकूट के घने जंगलों में इन दिनों ‘हरा सोना’ कहे जाने वाले तेंदूपत्ते की तुड़ाई जोरों पर है। यह पत्ता स्थानीय ग्रामीणों के लिए न सिर्फ आत्मनिर्भरता का प्रतीक है, बल्कि उनके सालभर के रोजगार का भी एक अहम जरिया है। तेंदूपत्ते की पैदावार इस वर्ष अच्छी बताई जा रही है, लेकिन फड़ों तक इन पत्तों का न पहुंच पाना वन निगम के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
ग्रामीणों द्वारा शत-प्रतिशत तुड़ाई के बावजूद तेंदूपत्ता फड़ों में जमा नहीं हो पा रहा है। वजह है वन निगम की लचर व्यवस्थाएं और जिम्मेदार अफसरों की उदासीनता। फड़ों के अभाव में ग्रामीण मजबूरीवश या मुनाफे के लालच में पत्ता ब्लैक मार्केट में बेचने को मजबूर हैं, जिससे सरकार को लाखों की राजस्व हानि हो रही है।
मानिकपुर क्षेत्र बना तस्करी का गढ़






