विद्युत कर्मियों की हड़ताल पर सख्त हुए डीएम सविन बंसल
डीएम ने कहा – “सेवाएं बाधित करने वालों पर लगेगा एस्मा”, 200 मीटर के दायरे में धरना-प्रदर्शन प्रतिबंधित, उल्लंघन पर एफआईआर के निर्देश

जन एक्सप्रेस/देहरादून(उत्तराखण्ड) : देहरादून में विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियरों द्वारा हड़ताल की सूचनाओं पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधीक्षण अभियंता को तलब किया और जनमानस को बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा न आने देने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि जनहित के कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डीएम ने कड़े शब्दों में कहा – “सब स्टेशन हमारे; इलाका हमारा; जनमन हमारे, कोई भी कर्मचारी वर्ग इतना बाहुबली नहीं कि आवश्यक सेवाओं से जनता को वंचित रख सके।”
जिलाधिकारी के आदेश पर अपर जिलाधिकारी एवं नगर पुलिस अधीक्षक ने विद्युत विभाग को प्रशासन की मंशा से अवगत कराते हुए चेतावनी दी कि कार्य बहिष्कार की स्थिति में आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। डीएम ने कहा कि आंदोलन की आड़ में अगर किसी ने विद्युत आपूर्ति बाधित की तो उस पर आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
धरना-प्रदर्शन पर सख्ती: 200 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा
डीएम बंसल ने विक्टोरिया क्रॉस विजेता गबर सिंह ऊर्जा भवन सहित सभी प्रमुख विद्युत प्रतिष्ठानों के 200 मीटर के दायरे में धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आदेश का उल्लंघन होने पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
“हमारे होते जिले में विद्युत संकट स्वीकार्य नहीं”
डीएम ने कहा – “मुख्यमंत्री के निर्देश स्पष्ट हैं: जनमानस के साथ अन्याय किसी कीमत पर स्वीकार नहीं। हमारे होते हुए जिले में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर विद्युत संकट किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि आपात स्थिति से निपटने के लिए 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय रखा जाए और विद्युत आपूर्ति में किसी प्रकार की लापरवाही पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यालय में अभद्रता और तनाव का माहौल
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन के उप मुख्य अधिकारी (कार्मिक) द्वारा जिलाधिकारी को लिखे पत्र के अनुसार, जूनियर अभियंताओं के संगठन ने हाल ही में कॉरपोरेशन मुख्यालय (गबर सिंह ऊर्जा भवन) में मानव संसाधन विभाग के बाहर नारेबाजी की और अधिकारियों से अभद्र व्यवहार किया। इस दौरान गाली-गलौच, छीना-झपटी और धमकाने जैसी घटनाएं भी सामने आईं। इससे मुख्यालय के कार्यों में बाधा उत्पन्न हुई और भविष्य में प्रदेश भर में विद्युत आपूर्ति बाधित होने की आशंका बनी हुई है।
डीएम का स्पष्ट संदेश
डीएम ने सख्त लहजे में दोहराया – “प्रशासन को अपनी शक्तियों और दायित्वों का भलीभांति भान है। भयादोहन की स्थिति में हम विद्युत आपूर्ति कराना जानते हैं। जनसेवा में बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय है।”






