उत्तर प्रदेशलखनऊ

अमित शाह का एलान: अब तीन साल में मिलेगा न्याय, एफआईआर से सुप्रीम कोर्ट तक की प्रक्रिया में होगा क्रांतिकारी बदलाव

सीएम योगी बोले – यह नया उत्तर प्रदेश है, जहां नौकरी सिर्फ योग्यता के बल पर मिलती है

जन एक्सप्रेस/लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ रविवार को एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब 60,244 नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को नियुक्तिपत्र सौंपने के लिए देश का अब तक का सबसे बड़ा सिविल पुलिस बल वितरण समारोह आयोजित किया गया।
डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, वृंदावन योजना में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी रही।

शाह बोले – अब न खर्च, न सिफारिश, सिर्फ पारदर्शिता और प्रतिभा का युग

अमित शाह ने अपने भाषण में इस भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और समावेशिता की सराहना करते हुए कहा, आज किसी ने रिश्वत नहीं दी, कोई जाति पूछी नहीं गई, और कोई सिफारिश काम नहीं आई – यही है नए भारत की तस्वीर।” उन्होंने यूपी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि यह संभव हो सका है योगी आदित्यनाथ के दृढ़ नेतृत्व और तकनीक के स्मार्ट उपयोग की बदौलत।

अब 3 साल में मिलेगा इंसाफ, एफआईआर से सुप्रीम कोर्ट तक

अमित शाह ने बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि अगले 5 वर्षों में एक ऐसी व्यवस्था खड़ी की जाए, जिसमें एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट से अंतिम निर्णय तक, पूरा न्याय सिर्फ तीन साल में मिल सके।”

इसके लिए नए कानून – भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को लागू किया जा रहा है।

सीएम योगी बोले – अब यूपी में नौकरी का मतलब है ‘योग्यता’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब वो दिन गए जब पैसे और पहचान के बिना नौकरी मिलना नामुमकिन था। यह नया उत्तर प्रदेश है, जहां हर युवा को उसके हुनर का हक मिल रहा है।”

उन्होंने इस अवसर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के ‘स्मार्ट पुलिसिंग विजन’ को जमीनी हकीकत बताया।

पुलिस भर्ती अब है सामाजिक न्याय की मिसाल

इस बार भर्ती प्रक्रिया में हर वर्ग, हर जाति, हर जिले को उचित प्रतिनिधित्व मिला।
12,000 से अधिक बेटियों को भी नियुक्तिपत्र मिला, जो उत्तर प्रदेश सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति का उदाहरण है।

नई व्यवस्था, नई सोच – हर जिले में दो मोबाइल फॉरेंसिक वैन

सीएम योगी ने बताया कि अब यूपी के सभी 75 जिलों में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक वैन, साइबर थाने और करीब 2,000 पुलिस थानों में साइबर हेल्प डेस्क शुरू की जा चुकी हैं। यह बदलाव आने वाले नए कानूनों के अनुरूप हैं जो जुलाई 2024 से लागू होंगे।

“पसीना ट्रेनिंग में बहाओ, खून मैदान में बचेगा” – सीएम योगी

सीएम योगी ने पुलिसकर्मियों को प्रेरित करते हुए कहा, वर्दीधारी ट्रेनिंग में जितना पसीना बहाओगे, जिंदगी में उतना ही कम खून बहेगा।” उन्होंने महाकुंभ में यूपी पुलिस के अनुकरणीय कार्य की प्रशंसा की और कहा कि अब पुलिस सिर्फ कानून की नहीं, सामाजिक विश्वास की प्रतीक बन रही है।

15 नवनियुक्तों को शाह ने खुद दिया नियुक्तिपत्र

इस ऐतिहासिक आयोजन में संतकबीर नगर से लेकर मऊ और लखनऊ तक के 15 प्रतिभाशाली युवाओं को केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने स्वयं नियुक्तिपत्र सौंपा। इनमें सत्यम नायक, शालिनी शाक्य, शिवांश पटेल, रोशन जहां, नेहा गोंड जैसे युवा शामिल हैं।

सारे पंडाल में गूंजा “योगी योगी”, जब सीएम मंच पर पहुंचे

जैसे ही मंच संचालक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बुलाया, पूरे पंडाल में 60,244 युवाओं ने एक साथ खड़े होकर तालियों से उनका स्वागत किया।
हर हाथ में नियुक्तिपत्र था और हर चेहरा भविष्य की आशा से भरा हुआ।

अब यूपी पुलिस होगी ‘स्मार्ट’ और ‘संवेदनशील’

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के दिए ‘SMART POLICING’ के मंत्र को विस्तार देते हुए कहा:

  • Strict & Sensitive
  • Modern & Mobile
  • Alert & Accountable
  • Reliable & Responsible
  • Tech-savvy & Trained

“हमने इसे सिर्फ पढ़ा नहीं, इसे जमीन पर उतार दिया है।”

नक्सलवाद और आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस

शाह ने बताया कि अब नक्सलवाद 11 राज्यों से सिमटकर सिर्फ तीन जिलों में रह गया है। 31 मार्च 2026 तक देश पूरी तरह नक्सल-मुक्त होगा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया, जिसमें भारत ने आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर उन्हें तबाह कर दिया। भारत का नाम, अब चंद्रमा से लेकर संसद तक गूंज रहा है।

शाह ने भारत की सामाजिक और आर्थिक प्रगति को गिनाते हुए कहा: भारत अब चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।”

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