यूपी में 504 ग्राम पंचायतें घटीं, अप्रैल 2026 में पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू

जन एक्सप्रेस/उत्तर प्रदेश : पंचायती व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शहरी सीमा के विस्तार और आंशिक पुनर्गठन के चलते राज्य में 504 ग्राम पंचायतें घट गई हैं। वर्ष 2021 में जहां 58,199 पंचायतों में चुनाव कराए गए थे, वहीं अब 2026 में यह संख्या घटकर 57,695 रह गई है।
36 जिलों में पंचायतों की संख्या में कटौती, देवरिया, आज़मगढ़, प्रतापगढ़ सबसे आगे
शहरीकरण के कारण 36 जिलों में पंचायतों की संख्या में कमी आई है। देवरिया में सबसे अधिक 64, आज़मगढ़ में 47, प्रतापगढ़ में 45, अमरोहा और गोरखपुर में 21-21, गाजियाबाद में 19, फतेहपुर में 18, अलीगढ़ में 16 और फर्रुखाबाद में 14 पंचायतें घटाई गई हैं।
नए परिसीमन से बदलेगा पंचायतों और वार्डों का गणित
शहरी क्षेत्रों में शामिल हो चुकी ग्राम पंचायतों के मजरे अब आसपास की पंचायतों में जोड़े जा रहे हैं। इससे वार्डों की संख्या और क्षेत्र पंचायत की संरचना में बदलाव तय है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब ग्राम पंचायतों की संख्या में कोई और परिवर्तन नहीं होगा।
826 ब्लॉक प्रमुख और 75 जिला पंचायत अध्यक्ष भी चुने जाएंगे
पंचायत चुनाव के साथ ही राज्य में 826 ब्लॉक प्रमुख और 75 जिला पंचायत अध्यक्ष भी चुने जाएंगे। फिलहाल, चुनाव आयोग मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने जा रहा है।
ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष का सीधा चुनाव संभव
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को सीधे आम जनता से कराने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की बात कही है। केंद्र की मंजूरी मिलने पर इन पदों के लिए भी जनता सीधे मतदान कर सकेगी, जिससे पंचायती व्यवस्था और अधिक जनभागीदारी वाली हो जाएगी।






