लखनऊ में आत्मदाह की कोशिश
पीलीभीत की महिला पत्रकार ने पुलिस के रवैये से तंग आकर सीएम आवास के पास लगाई आग लगाने की कोशिश, समय रहते बचाई गई जान

जन एक्सप्रेस/लखनऊ : राजधानी लखनऊ में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला ने मुख्यमंत्री आवास के पास आत्मदाह करने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि महिला पीलीभीत की रहने वाली है और पेशे से पत्रकार है। वह पुलिस की निष्क्रियता से परेशान होकर लखनऊ पहुंची थी और सरकार से न्याय की गुहार लगाना चाहती थी।
क्या है मामला?
पीलीभीत जिले के हजारा कस्बे की रहने वाली पत्रकार सुमित्रा कौर सोमवार को अपने भाई के साथ लखनऊ के गौतमपल्ली क्षेत्र स्थित मुख्यमंत्री आवास के पास पहुंचीं। उन्होंने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क लिया और आत्मदाह करने की कोशिश की। लेकिन मौके पर तैनात आत्मदाह निरोधी दस्ते और पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें पकड़ लिया और आग लगाने से पहले ही बचा लिया।
पिछली शिकायतों से जुड़ा है मामला
इस घटना को लेकर एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि सुमित्रा कौर ने अपने गृह जनपद पीलीभीत के हजारा थाना क्षेत्र में कुछ लोगों पर घर में घुसकर अभद्रता करने की शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत के बावजूद आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे वह मानसिक रूप से टूट चुकी थीं।
मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया
पुलिस ने बताया कि महिला को तुरंत मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है। वहां से लौटने के बाद उससे इस संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। उधर लखनऊ पुलिस ने पीलीभीत पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दे दी है और संबंधित केस के बारे में सूचना एकत्र की जा रही है।
पूछता है जनएक्सप्रेस
अगर महिला पहले से ही शिकायत कर चुकी थी तो पीलीभीत पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की?
एक पत्रकार होने के बावजूद अगर उसे न्याय की गुहार के लिए आत्मदाह जैसे कदम की नौबत आ रही है, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पुलिस की निष्क्रियता या लापरवाही कब तक लोगों को हताश करेगी?
आत्मदाह निरोधी दस्ते की तत्परता सराहनीय है, लेकिन क्या ये घटना प्रशासन की संवेदनहीनता को नहीं दर्शाती?
सुमित्रा कौर की आत्मदाह की कोशिश ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह कोई पहली घटना नहीं है जब शिकायतकर्ता को अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा हो। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी संवेदनशीलता और गंभीरता दिखाती है।






