लखनऊ के आशियाना में कार टक्कर से मासूम घायल, 8 दिन बाद दर्ज हुई FIR

जन एक्सप्रेस/ लखनऊ: लखनऊ के आशियाना इलाके से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां पड़ोसी की लापरवाह ड्राइविंग के चलते साढ़े पांच साल का मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। बच्चा तीन दिन तक ICU में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा। हैरानी की बात यह है कि घटना के पूरे आठ दिन बाद जाकर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। यह हादसा 10 अगस्त को हुआ था।
स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड हरिद्वार पांडेय के मुताबिक, उनका पोता शौविक अपने दोस्त कुशल सौमिल के साथ घर के बाहर खड़ा था। तभी सामने रहने वाला पड़ोसी शिवांश वर्मा तेज रफ्तार से कार लाकर दोनों बच्चों को टक्कर मार देता है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि शौविक घर का गेट तोड़ते हुए अंदर जा गिरा, जबकि कुशल काफी दूर जा गिरा। शुरुआत में परिवार को यह महज दुर्घटना लगी, लेकिन बाद में जब CCTV फुटेज देखी गई तो उन्हें शक हुआ कि यह कोई साधारण हादसा नहीं बल्कि जानबूझकर की गई वारदात है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद न तो आरोपी शिवांश वर्मा और उसका परिवार जिसमें सीएल वर्मा भी शामिल हैं बच्चे का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे, न ही किसी तरह की मदद की। उल्टा उन्होंने पीड़ितों को अपने घर बुलाकर डराने-धमकाने की कोशिश की और कहा कि गलती बच्चों की थी क्योंकि वे सड़क पर खेल रहे थे। इस रवैये ने परिवार के शक को और मजबूत कर दिया।
हरिद्वार पांडेय का कहना है कि उन्होंने तुरंत थाने जाकर शिकायत दर्ज करानी चाही, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई से बचने की कोशिश की। आरोप है कि पुलिस ने उनसे जबरन कुछ कागजों पर दस्तखत कराए और आरोपी को भागने का मौका दिया। परिवार का यह भी कहना है कि पुलिस ने उनकी असली शिकायत में बदलाव कर दिया और दबाव डालकर तारीख तक बदलवाई। आखिरकार, रविवार देर रात जाकर मुकदमा दर्ज हो सका।
इस बीच, आशियाना थाने के इंस्पेक्टर का कहना है कि जैसे ही परिवार आया, उसी वक्त FIR दर्ज कर ली गई थी। वहीं, डीसीपी आशीष श्रीवास्तव ने मामले का संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच व उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। यह पूरी घटना एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।






