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कोसी का कहर: रामनगर में नदी निगली चार घर, कई गांवों पर मंडराया खतरा

भारी बारिश और जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी से चुकुम गांव में मची तबाही, कई परिवार हुए बेघर

जन एक्सप्रेस रामनगर (उत्तराखंड)।लगातार हो रही बारिश और पहाड़ों से छोड़े गए पानी ने उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में तबाही मचा दी है। रामनगर के आपदा-ग्रस्त चुकुम गांव में कोसी नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाते हुए चार मकानों को निगल लिया। पूर्व प्रधान जस्सी राम सहित कई ग्रामीणों के आशियाने पानी में समा गए। हालात इतने भयावह हैं कि आस-पास के कई गांवों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

रातभर बहते रहे मकान, सुबह जागी तबाही
एसडीएम प्रमोद कुमार के अनुसार, मंगलवार रात को कोसी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। जय किशन पुत्र गोसाई राम और लीला देवी पत्नी हरी राम के मकान पहले नदी में समा गए। देर रात पूर्व प्रधान जस्सी राम और शंकर राम के घर भी बह गए। बताया गया कि अल्मोड़ा से पानी छोड़े जाने के बाद नदी और उफान पर आ गई।

प्रशासन अलर्ट, कई परिवार शिफ्ट किए गए
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए छह मकानों को खाली कराकर प्रभावित परिवारों को प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट किया गया है। भरतपुरी और दुर्गापुरी मोहल्लों तक भी पानी पहुंचने से वहां भी लोगों को सतर्क कर दिया गया है। प्रशासनिक टीमें चुकुम गांव और अन्य प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं।

गरमपानी में भी संकट, धारी में मलबा घुसा घरों में

गरमपानी क्षेत्र में कोसी नदी के उफान पर आने से तीन परिवारों के 10 सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वहीं धारी ब्लॉक में कई घरों में पानी और मलबा घुसने से नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग और आपदा कंट्रोल को स्थिति की जानकारी दी गई है।इन ग्रामीणों के घर खतरे में चिनिया गांव के सामाजिक कार्यकर्ता राजू कुमार ने बताया कि हरीश चंद्र, महेश कुमार, अर्जुन कुमार, प्रकाश चंद्र, हरीश, धर्म राम, प्रेम प्रकाश, श्री चंद्र और बना के लाल सिंह के घर भू-कटाव की जद में हैं। मकानों की सुरक्षा दीवारें और आंगन ध्वस्त हो गए हैं।

खेती और कारोबार पर भी आफत, किसान बेहाल

भारी बारिश और जल कटाव ने केवल घरों को नहीं, किसानों की उम्मीदों को भी बहा दिया है। रामगढ़ सतबुंगा के किसान हरेंद्र बिष्ट ने बताया कि उधारी लेकर की गई आधा कुंतल मटर की बुआई बर्बाद हो चुकी है।

व्यापार भी डूबा
मोहनको चौराहे पर शाहनवाज के रेस्टोरेंट में पानी भर जाने से भारी नुकसान हुआ है। धारी गांव के भगवत सिंह जंतवाल के मकान में दरारें आ गई हैं और सुरक्षा दीवार टूटने से वह गिरने की कगार पर है। परिजन सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिए गए हैं।

प्रशासन की अपील: सतर्क रहें, नदियों के पास न जाएं

तहसीलदार नेहा टम्टा ने बताया कि प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी किनारे न जाएं और आपदा की किसी भी स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

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